Edited By Sarita Thapa,Updated: 31 Aug, 2026 01:16 PM

भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को भगवान कृष्ण का जन्मोत्सव बहुत धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस साल कृष्ण जन्माष्टमी का व्रत 04 सितंबर, 2026 शुक्रवार के दिन रखा जाएगा।
Krishna Janmashtami 2026 : भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को भगवान कृष्ण का जन्मोत्सव बहुत धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस साल कृष्ण जन्माष्टमी का व्रत 04 सितंबर, 2026 शुक्रवार के दिन रखा जाएगा। माना जाता है कि इस दिन सच्चे मन से और विधि-विधान के साथ कृष्ण जी की पूजा करने और व्रत रखने से मन की हर मुराद पूरी होती है और जीवन में आने वाली हर परेशानी से छुटकारा मिलता है। मान्यता है कि जन्माष्टमी से पहले लड्डू गोपाल की प्रिय चीजों को घर लाया जाए, तो इससे न केवल पूजा सफल होती है बल्कि घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली भी आती है।
बांसुरी
भगवान श्रीकृष्ण को बांसुरी अत्यंत प्रिय है। बांसुरी को वास्तु शास्त्र में भी शांति और मिठास का प्रतीक माना गया है। जन्माष्टमी से पहले लकड़ी या चांदी की एक छोटी सी सुंदर बांसुरी खरीदकर लाएं और पूजन के समय इसे लड्डू गोपाल को अर्पित करें। इससे घर के कलेश दूर होते हैं और रिश्तों में मधुरता आती है।
मोरपंख
श्रीकृष्ण अपने मुकुट में हमेशा मोरपंख धारण करते हैं। मोरपंख न केवल कान्हा को प्रिय है, बल्कि यह घर से नकारात्मक ऊर्जा और वास्तु दोष को भी समाप्त करता है। इस जन्माष्टमी लड्डू गोपाल के शृंगार के लिए सुंदर मोरपंख लाकर उनके पास या मुकुट में जरूर सजाएं।

माखन और मिश्री का भोग
बाल गोपाल का पसंदीदा आहार माखन और मिश्री है। जन्माष्टमी की पूजा माखन-मिश्री के बिना अधूरी मानी जाती है। त्योहार से पहले ही शुद्ध मिश्री का इंतजाम कर लें और पूजन के दिन ताजा मक्खन बनाकर लड्डू गोपाल को भोग लगाएं। ऐसा करने से धन-धान्य की कभी कमी नहीं होती।
कामधेनु गाय की मूर्ति
भगवान श्रीकृष्ण को गायों से गहरा प्रेम था। जन्माष्टमी से पहले छोटी सी कामधेनु गाय की मूर्ति खरीदकर लाएं और इसे पूजा स्थल पर रखें। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, कामधेनु गाय की पूजा करने से संतान से जुड़ी समस्याएं दूर होती हैं और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है।
झूला और वैजयंती माला
लड्डू गोपाल को बैठाने के लिए एक सुंदर सा झूला और उन्हें पहनाने के लिए वैजयंती माला लाएं। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, वैजयंती के फूलों व मनकों से बनी माला धारण करने से भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण की कृपा बनी रहती है। जन्माष्टमी की रात कान्हा को झूले में झुलाने से मानसिक शांति प्राप्त होती है।
