Maa Vindhyavasini Dham: विंध्याचल धाम में उमड़ा जन सैलाब

Edited By Updated: 13 Feb, 2025 07:34 AM

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उत्तर प्रदेश में मिर्जापुर स्थित विश्व प्रसिद्ध विंध्याचल धाम में बुधवार भोर में मंगला आरती के बाद आस्था का जन सैलाव उमड़ा। माघी पूर्णिमा के पावन दिन पर दस लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने विंध्य क्षेत्र की अधिष्ठात्री मां

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विंध्याचल (मिर्जापुर) (एजैंसी): उत्तर प्रदेश में मिर्जापुर स्थित विश्व प्रसिद्ध विंध्याचल धाम में बुधवार भोर में मंगला आरती के बाद आस्था का जन सैलाव उमड़ा। माघी पूर्णिमा के पावन दिन पर दस लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने विंध्य क्षेत्र की अधिष्ठात्री मां विंध्यवासिनी देवी के दर्शन पूजन किए।  यात्रियों ने मां गंगा में डुबकी लगाई। भक्तों ने त्रिकोण यंत्र पर विराजमान मां अष्टभुजा देवी एवं मां काली के दरबार में हाजिरी लगाई। भारी भीड़ के मद्देनजर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। कमिश्नर बालकृष्ण त्रिपाठी एवं पुलिस महानिरीक्षक आरपी सिंह सहित पूरा अधिकारियों का अमला सड़क  पर रहा। विंध्यधाम में इस समय अनोखा दृश्य है। चारों ओर मां के जयकारों का शोर सुनाई पड़ रहा है। कुंभ से लौट रहे जन प्रवाह की भीड़ ने विंध्य धाम के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। सारी व्यवस्था के बाबजूद भीड़ सम्भावना काफी कठिन रहा। जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने बताया कि मंदिर के कोरिडोर आने वाले सभी रास्तों पर वैरियर लगाए गए हैं। कंट्रोल रूम से भीड़ छोड़ने के निर्देश दिए जा रहे थे। भगदड़ और जाम की स्थिति से निपटने के लिए मुकम्मल व्यवस्था की गई थी। पुलिस अधीक्षक सोमेन वर्मा सहित पुलिस के आला अधिकारी यातायात व्यवस्था सम्भालने में लगे रहे, जिससे अपेक्षाकृत यात्रियों को काफी सहूलियत रही। 

उन्होंने बताया कि पूर्णिमा के पावन पर्व गंगा स्नान का महत्व है। लिहाजा घाटों पर जल पुलिस लगाई गई है। घाटों पर भारी भीड़ रही। भोर में मंगला आरती शुरू होने से पहले भक्तों की लम्बी कतारें लग गई थी। आज सारे दिन भक्तों का रेला लगा रहा। दूर-दूर से आए लाखों भक्तों ने मां के दर्शन किए। विंध्य कोरिडोर निर्माण के बाद से यहां भक्तों की संख्या में गुणात्मक परिवर्तन हुआ है। काशी विश्वनाथ कोरिडोर निर्माण के बढ़ी भीड़ की तरह विंध्याचल में भी संख्या दोगुनी हो गई है। देवी विंध्यवासिनी का चार बार श्रृंगार किया जाता है, जो अर्थ, धर्म, काम एवं मोक्ष का प्रतीक माना जाता है। नवरात्र में चौबीस घंटे मंदिर में दर्शन पूजन होगा। श्रद्धालुओं की भीड़ की दृष्टि से जिला प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। 

मेला अधिकारी शिव प्रताप शुक्ल ने बताया कि भीड़ नियंत्रण के लिए जगह-जगह बैरियर लगाए गए। क्षमता से अधिक भीड़ होने की स्थिति में भीड़ को जगह-जगह रोक दिया जाएगा। मेला क्षेत्र में यात्रियों की मौलिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है। मेला क्षेत्र को जोनों और सेक्टरों में बांट कर व्यवस्था की गई है। पुलिस अधीक्षक सोमेन वर्मा ने बताया कि आंतकवादी गतिविधियों पर नियंत्रण रखने में दक्ष एटीएस के जवान भी तैनात किए गए हैं। ऐसा यहां पहली बार हुआ है। घुड़सवार पुलिस, जल पुलिस बम डिस्पोजल स्क्वाड, यातायात पुलिस के साथ खुफिया एजेंसी भी तैनात की गई है। रेलवे और रोडवेज ने यात्रियों की सहूलियत के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। यात्रा को सुगम बनाने के लिए सड़क मार्ग से आने वाले भक्तों को जाम से निजात मिल सके, इस पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। 
 

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