Edited By Sarita Thapa,Updated: 07 Nov, 2026 12:24 PM

सनातन धर्म में घर के मुख्य द्वार को बहुत खास स्थान दिया गया है। माना जाता है कि घर का प्रवेस द्वार ही वह जगह होती है, जहां से सकारात्मक ऊर्जा का आगमन होता है। यही वजह है कि किसी भी शुभ अवसर, त्योहार या मांगलिक कार्यक्रम के दौरान लोग अपने घर के...
Main Door Toran Vastu Rules 2026 : सनातन धर्म में घर के मुख्य द्वार को बहुत खास स्थान दिया गया है। माना जाता है कि घर का प्रवेस द्वार ही वह जगह होती है, जहां से सकारात्मक ऊर्जा का आगमन होता है। यही वजह है कि किसी भी शुभ अवसर, त्योहार या मांगलिक कार्यक्रम के दौरान लोग अपने घर के मुख्य दरवाजे को फूलों, रंगोली और सुंदर तोरण से सजाते हैं। खासतौर पर दिवाली के मौके पर घर के प्रवेश द्वार पर बंधनवार लगाने की परंपरा काफी पुरानी है। वास्तु शास्त्र में भी तोरण को शुभता और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। हालांकि, बहुत से लोगों के मन में सवाल रहता है कि मुख्य द्वार पर आम के पत्तों का तोरण लगाना चाहिए, अशोक के पत्तों का या फिर कौड़ी की बंधनवार शुभ होती है? आइए जानते हैं घर के मुख्य दरवाजे पर किस तरह का तोरण लगाना अच्छा माना जाता है और इससे जुड़े जरूरी वास्तु नियम क्या हैं।
आम के पत्तों का तोरण
हिंदू धर्म में आम के पत्तों को शुभ और पवित्र माना जाता है। पूजा-पाठ और मांगलिक कार्यों में आम के पत्तों का इस्तेमाल लंबे समय से किया जाता रहा है। ऐसी मान्यता है कि घर के मुख्य द्वार पर आम के हरे पत्तों का तोरण लगाने से सकारात्मकता का संचार होता है। दिवाली, नवरात्रि, विवाह और अन्य शुभ अवसरों पर आम के पत्तों की बंधनवार लगाना अच्छा माना जाता है।
अशोक के पत्तों का तोरण
वास्तु और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अशोक के पत्तों का संबंध सुख, शांति और खुशहाली से जोड़ा जाता है। अशोक का अर्थ ही शोक को दूर करने वाला माना जाता है। ऐसे में घर के मुख्य दरवाजे पर अशोक के पत्तों का तोरण लगाना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इससे घर में सकारात्मक वातावरण बना रहता है और परिवार के सदस्यों के बीच प्रेम और सौहार्द बढ़ता है।
कौड़ी का तोरण
धार्मिक मान्यताओं में कौड़ी को धन और समृद्धि से जोड़कर देखा जाता है। विशेष रूप से पीली और सफेद कौड़ियों का इस्तेमाल पूजा-पाठ और सजावट में किया जाता है। कई लोग दिवाली के अवसर पर मुख्य द्वार पर कौड़ियों से बनी बंधनवार लगाते हैं। मान्यता है कि ऐसा करने से माता लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है और घर में धन-धान्य की वृद्धि होती है।

मुख्य द्वार पर तोरण लगाते समय इन वास्तु नियमों का रखें ध्यान
तोरण लगाने से पहले मुख्य दरवाजे और उसके आसपास की अच्छी तरह सफाई करें। गंदगी या धूल-मिट्टी के बीच बंधनवार लगाने से बचें।
यदि आप आम या अशोक के पत्तों का तोरण लगा रहे हैं, तो कोशिश करें कि पत्ते ताजे और हरे हों। सूखे या मुरझाए पत्तों को समय-समय पर बदलते रहें।
तोरण को दरवाजे के ऊपरी हिस्से पर इस तरह लगाएं कि वह सुंदर और व्यवस्थित दिखाई दे। इससे प्रवेश द्वार की सजावट भी अच्छी लगती है।
पुराने, टूटे या धूल से भरे तोरण को मुख्य द्वार पर लटकाकर न रखें। त्योहारों पर इसकी सफाई करें या जरूरत पड़ने पर नया तोरण लगा लें।
तोरण में पीले, लाल, हरे और नारंगी रंगों का इस्तेमाल कर सकते हैं। ये रंग पारंपरिक रूप से शुभ अवसरों और उत्सवों से जुड़े माने जाते हैं।

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