Dhanteras Vastu Tips : धनतेरस पर यम दीपक जलाने के साथ आजमाएं ये 6 वास्तु उपाय, नकारात्मकता दूर करने की करें कामना

Edited By Updated: 29 Oct, 2026 03:34 PM

dhanteras vastu tips

कार्तिक मास के कृष्ण  पक्ष की त्रयोदशी यानी धनतेरस का दिन भगवान धन्वंतरि, मां लक्ष्मी और धन के देवता कुबंर की पूजा के साथ-साथ यमराज की आराधना के लिए भई बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है।

Dhanteras Vastu Tips : कार्तिक मास के कृष्ण  पक्ष की त्रयोदशी यानी धनतेरस का दिन भगवान धन्वंतरि, मां लक्ष्मी और धन के देवता कुबंर की पूजा के साथ-साथ यमराज की आराधना के लिए भई बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, धनतेरस की शाम को यमराज के निमित्त दीपक जलाया जाता है, जिसे यम दीपक या यम का दीया कहते हैं। शास्त्रों में विधान है कि विधि और दिशा में यम दीपक जलाने से परिवार के सदस्यों पर मंडरा रहा अकाल मृत्यु का संकट टल जाता है। इसके साथ ही, यदि घर में गंभार वास्तु दोष मौजूद हैं, तो दीपक से जुड़े कुछ विशेष उपाय करने से नकारात्मक ऊर्जा पूरी तरह समाप्त हो जाती है। तो 
आइए जानते हैं धनतेरस की शाम यम दीपक से जुड़े 6 ऐसे उपाय, जो घर के वास्तु दोषों को मिटाकर खुशहाली लाते हैं।

दक्षिण दिशा में यम दीपक स्थापित करें
यमराज का संबंध दक्षिण दिशा से माना जाता है। धनतेरस की शाम को सरसों के तेल का एक बड़ा दीया घर के मुख्य द्वार के बाहर दक्षिण दिशा की ओर मुंह करके रखें। इससे घर की दक्षिण दिशा का वास्तु दोष समाप्त होता है और अकाल मृत्यु तथा अचानक आने वाली विपत्तियों का भय दूर होता है।

दीये में सिक्का और कौड़ी रखें
यम दीपक प्रज्वलित करने से पहले उसमें सरसों के तेल और बाती के साथ एक तांबे या लोहे का सिक्का और एक कौड़ी डाल दें। पूजा पूरी होने के बाद अगले दिन उस सिक्के को उठाकर लाल कपड़े में बांधकर तिजोरी या धन स्थान पर रख दें। यह उपाय घर से दरिद्रता को दूर करता है और आर्थिक स्थिरता लाता है।

चार बत्तियों वाला चौमुखी दीपक जलाएं
यमराज को शांत करने और घर के चारों कोनों से नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने के लिए हमेशा आटे का चौमुखी  दीपक बनाएं। चारों दिशाओं में लौ प्रज्वलित होने से घर का हर कोना सकारात्मक ऊर्जा से भर जाता है और पुराना रुका हुआ वास्तु दोष मिटता है।

घर के अंधेरे कोनों और गंदे स्थानों की ओर दीया दिखाएं
यम दीपक को मुख्य द्वार पर स्थापित करने से पहले घर के उन सभी कोनों में एक बार घुमाएं, जहां सामान्यतः अंधेरा रहता है या जहां वास्तु दोष महसूस होता है। ऐसा करने से घर में छिपी हुई नकारात्मक शक्तियों का शमन होता है और परिवार के सदस्यों के बीच चल रहा तनाव खत्म होता है।

दीपक के नीचे काले तिल का आसान दें
शास्त्रों के अनुसार यमराज की पूजा में काले तिल का उपयोग अत्यंत शुभ होता है। यम दीपक को कभी भी सीधे जमीन पर न रखें। दीये के नीचे थोड़े से काले तिल या सप्तधान्य (सात प्रकार के अनाज) की ढेरी बनाएं। इससे घर का पितृ दोष शांत होता है और वास्तु दोष के कारण आ रही स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं दूर होती हैं।

बिना मुड़े पीछे आएं और दीपक को न देखें
यम दीपक प्रज्वलित करने के बाद परिवार के सभी सदस्यों को मुख्य द्वार के अंदर आ जाना चाहिए और भूलकर भी पीछे मुड़कर दीपक की ओर नहीं देखना चाहिए। दीपक जलाने के बाद हाथ-पैर धोकर घर के अंदर प्रवेश करें। यह नियम यमराज का सम्मान करने और नकारात्मक प्रभावों को घर के भीतर आने से रोकने के लिए अनिवार्य माना गया है।

शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ
 


 

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!