Edited By Sarita Thapa,Updated: 27 Aug, 2026 04:34 PM

रक्षाबंधन का त्योहार बहन और भाई के अटूट प्यार और विश्वास का प्रतीक है। जब बहन अपने भाई की कलाई पर रक्षासूत्र बांधती है, तो केवल एक धागी नहीं बांधती, बल्कि उसके लंबे, सुखी और निरोग जीवन की कामना करती है।
Raksha Bandhan 2026 Mantra : रक्षाबंधन का त्योहार बहन और भाई के अटूट प्यार और विश्वास का प्रतीक है। जब बहन अपने भाई की कलाई पर रक्षासूत्र बांधती है, तो केवल एक धागी नहीं बांधती, बल्कि उसके लंबे, सुखी और निरोग जीवन की कामना करती है। शास्त्रों के अनुसार, राखी बांधते समय एक विशेष मंत्रों का उच्चारण करने से इस रक्षासूत्र का धार्मिक प्रभाव और संकल्प कई गुना बढ़ जाता है। तो आइए जानते हैं कि रक्षाबंधन के दिन बहनों को राखी बांधने से पहले कौन से मंत्रो का जाप करना चाहिए।
राखी बांधने का सबसे पवित्र मंत्र
येन बद्धो बलि राजा, दानवेन्द्रो महाबलः।
तेन त्वामभि बध्नामि, रक्षे मा चल मा चल॥

सही उच्चारण और शब्दार्थ
अत्यंत बलशाली राजा बलि भी जिस पावन रक्षासूत्र के बंधन में बंध गए थे, वही सुरक्षा का धागा आज मैं अपने भाई को सौंपती हूं। हे रक्षासूत्र! तू स्थिर रहकर अपने धर्म का पालन करना। इस मंत्र के माध्यम से राजा बलि की कथा का स्मरण करते हुए बहनें जब भाई की कलाई पर यह धागा सजाती हैं, तो भाई का जीवन बहन के स्नेह और ईश्वरीय रक्षा कवच से सदा के लिए सुरक्षित हो जाता है।
मंत्र का धार्मिक और पौराणिक महत्व
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, जब भगवान विष्णउ ने वामन अवतार लेकर राजा बलि का घमंड तोड़ा और उन्हें पाताल लोक का राजा बनाया, तब लक्ष्मी जी ने राजा बलि की कलाई पर रक्षासूत्र बांधकर उन्हें अपना भाई बनाया था। इसके बदले में बलि ने लक्ष्मी जी को उनके पति को अपने साथ वैकुंठ ले जाने की अनुमति दी थी। शास्त्रों के अनुसार, मंत्रोच्चार के साथ बांधा गया धागा सामान्य सूत नहीं रहता। वह एक सुरक्षा कवचका रूप ले लेता है। यह मंत्र भाई को उसके कर्तव्य की याद दिलाता है और बहन के प्रति उसकी रक्षा के संकल्प को और अधिक मजबूत करता है।

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