Edited By Sarita Thapa,Updated: 29 Aug, 2026 11:58 AM

रक्षाबंधन के पावन पर्व पर देश की पहली राखी भगवान महाकाल को बांधी गई। उज्जैन स्थित महाकाल मंदिर में शुक्रवार तड़के करीब 3 बजे हुई भस्म आरती के दौरान पुजारी परिवार की महिलाओं ने बाबा महाकाल को विशेष राखी अर्पित की। मान्यता है कि हिंदू धर्म के प्रमुख...
Rakshabandhan Mahakaleshwar Temple Ujjain : रक्षाबंधन के पावन पर्व पर देश की पहली राखी भगवान महाकाल को बांधी गई। उज्जैन स्थित महाकाल मंदिर में शुक्रवार तड़के करीब 3 बजे हुई भस्म आरती के दौरान पुजारी परिवार की महिलाओं ने बाबा महाकाल को विशेष राखी अर्पित की। मान्यता है कि हिंदू धर्म के प्रमुख पर्वों की शुरुआत सबसे पहले भगवान महाकाल के आंगन से होती है।
बाबा महाकाल के लिए तैयार की गई इस विशेष राखी को पुजारी परिवार की महिलाओं ने करीब एक सप्ताह की मेहनत से बनाया। महिलाओं ने पूरे सावन माह में व्रत-उपवास रखा और राखी बनाते समय लगातार ‘जय महाकाल’ और ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप किया। इस बार करीब 2 फीट लंबी विशाल राखी तैयार की गई है। रेशमी कपड़े, रेशमी धागे और आभूषणों से सजी इस राखी में भगवान शिव के प्रिय प्रतीक त्रिनेत्र, ॐ और त्रिपुंड को शामिल किया गया है। वहीं भगवान श्रीकृष्ण के प्रिय मोर पंख, गौ माता और रुद्राक्ष भी राखी की खूबसूरती बढ़ा रहे हैं। राखी में कांच वर्क का भी इस्तेमाल किया गया है।
पुजारी परिवार की महिलाएं रात करीब 2 बजे मंदिर पहुंच गई थीं। भस्म आरती के दौरान मंत्रोच्चार के बीच भस्म अर्पित होने के बाद बाबा महाकाल को राखी बांधी गई। रक्षाबंधन पर भगवान महाकाल को सवा लाख लड्डुओं का भोग भी लगाया गया। मान्यता है कि श्रावण मास में व्रत रखने वाले श्रद्धालु श्रावणी पूर्णिमा पर लड्डू प्रसाद ग्रहण कर अपना उपवास खोलते हैं। बाबा को राखी अर्पित करने के बाद महिलाओं ने प्रसाद ग्रहण कर अपना व्रत खोला और फिर अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी।
-विशाल ठाकुर, उज्जैन