Rang Panchami 2024: राधा रानी और श्री कृष्ण से जुड़ा हैं रंग पंचमी का पर्व, जानें डेट और महत्व

Edited By Updated: 15 Mar, 2024 10:10 AM

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पंचांग के अनुसार होली का पर्व 25 मार्च को मनाया जाएगा। बता दें कि रंग पंचमी का पर्व भी होली की ही तरह होता है। इसे भी होली का दूसरा रूप कहते हैं। होली के

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Rang Panchami 2024: पंचांग के अनुसार होली का पर्व 25 मार्च को मनाया जाएगा। बता दें कि रंग पंचमी का पर्व भी होली की ही तरह होता है। इसे भी होली का दूसरा रूप कहते हैं। होली के पांच दिन बाद यानी चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि पर रंग पंचमी का त्योहार मनाने का विधान है। ब्रज में इस दिन होली का समापन हो जाता है। मान्यताओं के मुताबिक इस दिन देवी-देवता पृथ्वी लोक पर आकर अबीर गुलाल के साथ होली खेलते हैं। मध्य प्रदेश के मालवा क्षेत्र में इस पर्व को बहुत ही खास माना जाता है। इसी के साथ ये भी बता दें कि इस त्यौहार को राधा रानी और श्री कृष्ण से जोड़ा जाता है। इसे देव पंचमी और श्री पंचमी भी कहते हैं। तो चलिए जानते हैं किस दिन मनाया जाएगा रंग पंचमी का पर्व। 

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Rang Panchami Shubh Muhurat रंग पंचमी का शुभ मुहूर्त 
दिवाली की तरह ही होली के पर्व को 5 दिन तक मनाया जाता है। होलिका दहन से शुरू होकर रंग पंचमी के दिन इसका समापन होता है।  पंचांग के मुताबिक चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि की शुरुआत 29 मार्च को रात 8 बजकर 20 मिनट पर हो रही है और 30 मार्च को रात 09 बजकर 13 मिनट पर होगा। उदया तिथि के अनुसार ये पर्व 30 मार्च शनिवार के दिन मनाया जाएगा।

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देवताओं के साथ होली खेलने का समय - सुबह 7.46 से  सुबह 9.19 तक 

किवदिंतियों के अनुसार रंग पंचमी के दिन ही कान्हा जी ने ब्रज की लाड़ली राधा रानी के साथ होली खेली थी। इसके अलावा ये भी मान्यता है कि देवी-देवता धरती पर आकर होली खेलते हैं। इस दिन हवा में गुलाल उड़ाया जाता है इसका मतलब जिस भी व्यक्ति पर ये आके गिरता है उसके ऊपर भगवान की विशेष कृपा बरसती है। इसके अलावा कुंडली में दोषों को दूर करने के लिए इस दिन देवताओं को गुलाल, अबीर अर्पित करना चाहिए। 

Importance of Rang Panchami रंग पंचमी का महत्व
रंग पंचमी के दिन सच्चे मन से भगवान की पूजा करने से देवी-देवता प्रसन्न होकर आप पर अपनी असीम कृपा बरसाते हैं। इसके अलावा रंग पंचमी का यह पावन पर्व पंच तत्व जैसे पृथ्वी, अग्नि, वायु, जल एवं आकाश को सक्रिय करने के लिए मनाई जाती है। जो व्यक्ति इस दिन हवा में उड़े गुलाल के संपर्क में आता है उसका जीवन बेहद ही खुशहाल और मन सकारात्मक हो जाता है। 

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Chant these mantras of Radha-Krishna on the day of Rangi Panchami रंगी पंचमी के दिन राधा-कृष्ण के इन मंत्रों का करें जाप-

ओम ह्रीं श्रीराधिकायै नम:।

मेरी भव बाधा हरौ राधा नागरि सोइ, जा तन की झाँई परै स्याम हरित दुति होइ.

श्रीं ह्रीं क्लीं कृष्णाय नमः

ओम कृष्णाय विद्महे दामोदराय धीमहि तन्नः कृष्णः प्रचोदयात्।

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