Edited By Sarita Thapa,Updated: 13 Sep, 2026 02:32 PM

सनातन धर्म में ऋषि पंचमी को बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। भाद्रपद के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को ऋषि पंचमी के रूप में मनाया जाता है। गणेश चतुर्थी के ठीक अगले दिन पड़ने वाला यह व्रत हिंदू परंपरा में विशेष महत्व रखता है।
Rishi Panchami 2026 : सनातन धर्म में ऋषि पंचमी को बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। भाद्रपद के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को ऋषि पंचमी के रूप में मनाया जाता है। गणेश चतुर्थी के ठीक अगले दिन पड़ने वाला यह व्रत हिंदू परंपरा में विशेष महत्व रखता है। यह पर्व किसी देवी-देवता की बजाय वैदिक काल के महान सप्तऋषियों के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त करने का दिन है। ऋषि पंचमी का व्रत भक्तों को आत्मनिरीक्षण करने, आत्मसंयम का अभ्यास करने और ज्ञानियों के उपदेशों को याद रखने के लिए प्रेरित करता है। तो आइए जानते हैं साल 2026 में ऋषि पंचमी की सही तारीख, शुभ समय और धार्मिक महत्व के बारे में-
ऋषि पंचमी 2026 कब है?
ऋषि पंचमी तिथि 15 सितंबर को सुबह 7 बजकर 44 मिनट से शुरू होगी और 16 सितंबर को सुबह 8 बजकर 59 मिनट तक रहेगी। इस पर्व में पूजा के लिए दोपहर में पंचमी तिथि का होना महत्वपूर्ण है। इसलिए ऋषि पंचमी का व्रत 15 सितंबर, मंगलवार को रखा जाएगा। ऋषि पंचमी की पूजा के लिए शुभ मुहूर्त 15 सितंबर को सुबह 11 बजकर 07 मिनट से लेकर दोपहर 01 बजकर 33 मिनट तक रहेगा।

ऋषि पंचमी का धार्मिक महत्व
हिंदू धार्मिक मान्यताओं में ऋषि पंचमी का व्रत मुख्य रूप से महिलाओं द्वारा किया जाता है। यह व्रत जाने-अनजाने या मासिक धर्म के दौरान धार्मिक नियमों व अस्पृश्यता संबंधी भूल-चूक के प्रायश्चित और शारीरिक शुद्धिकरण के लिए रखा जाता है। इस दिन सप्तऋषियों की पूजा करने से साधक को ज्ञान, आरोग्य, सुख-समृद्धि और मानसिक शांति प्राप्त होती है। इस दिन नदियां, सरोवर या पवित्र कुंडों में स्नान करने से शरीर और आत्मा दोनों की शुद्धि होती है।

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