Edited By Sarita Thapa,Updated: 07 Sep, 2026 11:30 AM

हिंदू धर्म में राधा अष्टमी का बहुत खास महत्व है। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के ठीक 15 दिन बाद भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को राधा अष्टमी का व्रत रखा जाता है। यह दिन राधारानी के प्राकट्य दिवस के रूप में पूरे ब्रज क्षेत्र और दुनियाभर में बड़े...
Radha Ashtami 2026 : हिंदू धर्म में राधा अष्टमी का बहुत खास महत्व है। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के ठीक 15 दिन बाद भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को राधा अष्टमी का व्रत रखा जाता है। यह दिन राधारानी के प्राकट्य दिवस के रूप में पूरे ब्रज क्षेत्र और दुनियाभर में बड़े धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया जाता है। मान्यता के अनुसार, इस दिन सच्चे मन से राधारानी की पूजा करने और व्रत रखने से राधारानी और श्रीकृष्ण की विशेष कृपा प्राप्त होती है और वैवाहिक जीवन में प्यार और मधुरता बनी रहती है। तो आइए जानते हैं राधा अष्टमी की तिथि और शुभ मुहूर्त के बारे में-
राधा अष्टमी पूजा मुहूर्त
पंचांग के अनुसार अष्टमी तिथि 18 सितंबर को दोपहर 1:00 बजे शुरू होगी और इसका समापन 19 सितंबर को दोपहर 3 बजकर 26 मिनट पर होगा। राधा अष्टमी की पूजा के लिए मध्याह्न काल को विशेष माना गया है। इस साल 19 सितंबर 2026 को राधा अष्टमी मनाई जाएगी। राधाअष्टमी पर पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 11 बजकर 01 मिनट से दोपहर 1 बजकर 38 मिनट तक रहेगा।

राधा अष्टमी का धार्मिक महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, श्री कृष्ण की पूजा तब तक अधूरी मानी जाती है जब तक कि उनके साथ राधा रानी का स्मरण न किया जाए। माना जाता है कि इस दिन व्रत रखने और विधि-विधान से पूजा करने से साधक को अखंड सौभाग्य, सुख-समृद्धि और भगवान श्री कृष्ण एवं राधा रानी की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

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