Edited By Sarita Thapa,Updated: 26 Aug, 2026 01:26 PM

सावन पूर्णिमा का हिंदू धर्म में बहुत खास महत्व है। धार्मिक और आध्यामिक दृष्टिकोण से सावन पूर्णिमा का दिन बहुत पवित्र भी माना जाता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, इस शुभ अवसर पर घर में किए गए कुछ विशेष उपाय नकारात्मक ऊर्जा को बाहर निकालकर सुख-समृद्धि...
Sawan Purnima 2026 : सावन पूर्णिमा का हिंदू धर्म में बहुत खास महत्व है। धार्मिक और आध्यामिक दृष्टिकोण से सावन पूर्णिमा का दिन बहुत पवित्र भी माना जाता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, इस शुभ अवसर पर घर में किए गए कुछ विशेष उपाय नकारात्मक ऊर्जा को बाहर निकालकर सुख-समृद्धि और बरकत लाते हैं। यदि आप भी अपने घर में शांति, सकारात्मकता और आर्थिक वृद्धि चाहते हैं, तो सावन पूर्णिमा पर ये प्रमुख वास्तु उपाय अवश्य करें।
मुख्य द्वार पर आम या अशोक के पत्तों का तोरण
पूर्णिमा के दिन सुबह स्नान के बाद घर के मुख्य दरवाजे पर ताजा आम या अशोक के पत्तों का तोरण लगाएं। मुख्य द्वार से ही घर में सकारात्मक ऊर्जा प्रवेश करती है। यह तोरण नकारात्मक शक्तियों को रोकता है और घर में खुशहाली लाता है।
मुख्य द्वार पर स्वास्तिक और हल्दी का जल
मुख्य द्वार के बाहर रोली या सिंदूर से 'स्वास्तिक' का चिह्न बनाएं। इसके साथ ही पानी में थोड़ी सी हल्दी मिलाकर मुख्य द्वार पर छिड़काव करें। हल्दी और स्वास्तिक का संयोजन मां लक्ष्मी को आकर्षित करता है और घर से दरिद्रता दूर होती है।

घर के ईशान कोण की सफाई
सावन पूर्णिमा के दिन घर के ईशान कोण को पूरी तरह साफ और खाली रखें। वहां किसी भी प्रकार का कबाड़ न जमने दें। ईशान कोण को देवताओं का स्थान माना जाता है। इसे साफ रखने से मानसिक तनाव कम होता है और धन का आगमन सुगम होता है।
गंगाजल और कपूर का छिड़काव
शाम के समय एक पीतल के बर्तन या दीये में कपूर और लौंग जलाकर पूरे घर में उसका धुआं दिखाएं। इसके बाद घर के हर कोने में थोड़ा सा गंगाजल छिड़कें। यह उपाय घर के वातावरण को शुद्ध करता है और किसी भी तरह के वास्तु दोष को समाप्त करता है।
मां लक्ष्मी के समक्ष घी का दीपक और श्रीयंत्र स्थापना
पूर्णिमा की शाम मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा करें। उनके सामने कनकधारा स्तोत्र या श्रीसूक्त का पाठ करें और संभव हो तो उत्तर दिशा में श्रीयंत्र की स्थापना करें। उत्तर दिशा कुबेर और लक्ष्मी की दिशा मानी जाती है। यहां पूजा और श्रीयंत्र रखने से रुका हुआ धन वापस मिलता है और बरकत बढ़ती है।

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