Edited By Niyati Bhandari,Updated: 29 Sep, 2026 03:12 PM

पाकिस्तान में भी शहीद-ए-आज़म भगत सिंह का 119वां जन्मदिवस मनाया जा रहा है। इस मौके पर पाकिस्तान से एक अच्छी खबर सामने आई है। पाकिस्तानी सरकार फैसलाबाद के बंगा में भगत सिंह के लिए एक मैमोरियल बनाने की प्लानिंग कर रही है, जहां उनका जन्म 1907 में हुआ था।
गुरदासपुर, फैसलाबाद (विनोद): पाकिस्तान में भी शहीद-ए-आज़म भगत सिंह का 119वां जन्मदिवस मनाया जा रहा है। इस मौके पर पाकिस्तान से एक अच्छी खबर सामने आई है। पाकिस्तानी सरकार फैसलाबाद के बंगा में भगत सिंह के लिए एक मैमोरियल बनाने की प्लानिंग कर रही है, जहां उनका जन्म 1907 में हुआ था।
सीमापार सूत्रों के अनुसार फैसलाबाद जिला प्रशासन ने भगत सिंह के पुश्तैनी घर को रैनोवेट किया है। प्लान में उनके सम्मान में उनके गांव में एक मैमोरियल बनाना भी शामिल है। बंगा गांव महान क्रांतिकारी भगत सिंह के शुरुआती जीवन से जुड़ी एक ऐतिहासिक जगह है और यह पूरे साउथ एशिया के युवाओं के लिए एक प्रसिद्ध आकर्षण बन सकता है।
फैसलाबाद के डिप्टी कमिश्नर नौमान सिद्दीकी ने कहा कि जिला प्रशासन भगत सिंह की विरासत को बचाए रखने के लिए एक मैमोरियल बनाने पर विचार कर रहा है। प्रस्तावित मैमोरियल का मकसद भगत सिंह के इलाके से जुड़ाव और आजादी की लड़ाई में उनकी भूमिका को हाईलाइट करना है, ताकि युवा उनके बारे में जान सकें।
इससे पहले, 2024 में लाहौर के पुंछ हाउस में एक भगत सिंह गैलरी खोली गई थी, जहां उनसे जुड़ी तस्वीरें, चिट्ठियां और डॉक्यूमैंट्स रखे गए हैं। पुंछ हाउस वह जगह भी थी जहां लाहौर कॉन्सपिरेसी केस (1929-30) में भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव पर मुकद्दमा चला था।