Edited By Sarita Thapa,Updated: 15 May, 2026 11:01 AM

हिंदू धर्म में शनि जयंती को शनिदेव की कृपा पाने और उनकी पूजा करने के लिए बहुत महत्वपूर्ण दिन माना जाता है। इस साल शनि जयंती का विशेष महत्व बढ़ जाएगा क्योंकि इस बार शनि जयंती शनिदेव के प्रिय दिन शनिवार के दिन पड़ रही है।
Shani Jayanti 2026 : हिंदू धर्म में शनि जयंती को शनिदेव की कृपा पाने और उनकी पूजा करने के लिए बहुत महत्वपूर्ण दिन माना जाता है। इस साल शनि जयंती का विशेष महत्व बढ़ जाएगा क्योंकि इस बार शनि जयंती शनिदेव के प्रिय दिन शनिवार के दिन पड़ रही है। पंचांग के अनुसार, 16 मई, 2026 को शनि जयंती मनाई जाएगी। माना जाता है कि इस दिन सच्चे मन से शनिदेव की पूजा करने से न केवल उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है, बल्कि उनसे जुड़े दोष जैसे ढैय्या, साढ़ेसाती से भी छुटकारा मिलता है। चाहिए। शनि देव के भक्तों के लिए शनि जयंती का पर्व एक खास दिन होता है। इस दिन किए जानें वाले इन 3 महाउपाय से आप शनि की बुरी नजर से मुक्ति पा सकते हैं।
शनि जयंती पर करें ये 3 महाउपाय
शनि जयंती पर जरुर दान करना चाहिए। हिंदू धर्म में दान का खास महत्व बताया गया है। शनि जयंती के दिन शनि देव के लिए व्रत करें, उनके मंत्रों का जाप करें, साथ ही शनि देव से जुड़ी चीजों का दान अवश्य करें- जैसे काली चप्पल, काला छाता, काली उड़द दाल, काले तिल, काले कपड़े। इस उपाय को करने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं।

शनि जयंती के दिन शनि देव के साथ-साथ हनुमान जी की आराधना भी जरुर करनी चाहिए. शनि जयंती के दिन हनुमान चालीसा का पाठ, सुंदरकांड का पाठ करें. शनि देव ने हनुमान जी को वचन दिया था, जो भी कोई बजरंगबली की पूजा करेगा या उनकी शरण में जाएगा, वह शनि के अशुभ प्रभाव से बच जाएगा।
शनि जयंती के दिन छाया दान करना बेहद शुभ माना जाता है। इस दिन साढ़ेसाती और शनि की ढैय्या से मुक्ति पाने के लिए या इसके प्रकोप को कम करने के लिए लोहे के कटोरे में सरसों का तेल डाल कर उसमें अपनी छवि देखें, उसके बाद उस तेल और कटोरे को शनि मंदिर में दें।

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