श्रावण पूर्णिमा पर बाबा विश्वनाथ का दिव्य महा-श्रृंगार, 4 अद्भुत स्वरूपों के होंगे दुर्लभ दर्शन

Edited By Updated: 31 Jul, 2026 12:21 PM

ujjain mahakal mandir news

सावन माह की शुरुआत 30 जुलाई, 2026 गुरुवार से हो चुकी है। सावन के पावन माह के शुरू होते ही बाबा महाकाल की नगरी काशी में शिवभक्तों की भारी संख्या में भीड़ देखने को मिली।

Ujjain Mahakal Mandir News : सावन माह की शुरुआत 30 जुलाई, 2026 गुरुवार से हो चुकी है। सावन के पावन माह के शुरू होते ही बाबा महाकाल की नगरी काशी में शिवभक्तों की भारी संख्या में भीड़ देखने को मिली। सावन के माह में बाबा के भक्तों की सुरक्षा और सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए खास व्यवस्थाएं की जाती है, ताकि शिवभक्त बिना किसी परेशानी से बाबा महाकाल के दर्शन कर सकें। इस बार का सावन बहुत खास रहने वाला है। बाबा महाकाल अपने भक्तों को सावन के दौरान 4 अलग-अलग स्वरूपों में दर्शन देंगे। वहीं, सावन पूर्णिमा के दिन बाबा का बहुत खास और अलौकिक श्रृंगार किया जाएगा। 

चार सोमवार पर होंगे बाबा के ये चार विशेष श्रृंगार
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, सावन के हर सोमवार को बाबा विश्वनाथ का एक नया और भव्य रूप देखने को मिलता है। परंपरा के अनुसार, इस पवित्र महीने के प्रत्येक सोमवार को बाबा का विशेष दिव्य श्रृंगार किया जाता है। इन स्वरूपों के दर्शन मात्र से ही भक्तों के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।

तारीख तिथि / अवसर बाबा का विशेष श्रृंगार रूप
3 अगस्त सावन का प्रथम सोमवार शंकर स्वरूप श्रृंगार
10 अगस्त सावन का द्वितीय सोमवार गौरी शंकर श्रृंगार
17 अगस्त सावन का तृतीय सोमवार अर्धनारीश्वर श्रृंगार
24 अगस्त सावन का चतुर्थ सोमवार रुद्राक्ष श्रृंगार


सावन पूर्णिमा पर होगा महा-श्रृंगार
सावन मास का समापन पूर्णिमा के दिन होता है। इस खास तिथि पर काशी विश्वनाथ धाम में एक अलग ही उल्लास और भक्ति का माहौल होता है। पूर्णिमा के दिन बाबा विश्वनाथ का महा-श्रृंगार किया जाता है। इस दिन गर्भगृह को देश-विदेश से मंगाए गए अत्यंत सुगंधित और दुर्लभ फूलों से सजाया जाता है। बाबा को विशेष वस्त्र और आभूषण धारण कराए जाते हैं। पूर्णिमा की शाम को होने वाली महाआरती का दृश्य इतना अद्भुत होता है कि उसे देखकर ऐसा प्रतीत होता है मानो साक्षात सारे देवी-देवता काशी में उतर आए हों।

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