Edited By Sarita Thapa,Updated: 29 Aug, 2026 01:01 PM

वास्तु शास्त्र और सनातन परंपरा में भोजन करने का सही तरीक केवल पेट भरने का साधन नहीं, बल्कि हमारे स्वास्थ्य, मानसिक शांति और जीवन की ऊर्जा को प्रभावित करने वाला एक महत्वपूर्ण नियम है। आजकल लोग अपनी शौक के लिए डाइनिंग टेबल पर बैठकर भोजन करने लगे हैं...
Vastu Tips : वास्तु शास्त्र और सनातन परंपरा में भोजन करने का सही तरीक केवल पेट भरने का साधन नहीं, बल्कि हमारे स्वास्थ्य, मानसिक शांति और जीवन की ऊर्जा को प्रभावित करने वाला एक महत्वपूर्ण नियम है। आजकल लोग अपनी शौक के लिए डाइनिंग टेबल पर बैठकर भोजन करने लगे हैं और कई घरों में लोग आज भी जमीन पर बैठकर खाना पंसद करने हैं। लेकिन वास्तु के अनुसार भोजन करने का सही तरीका आपके जीवन में बड़ा बदलाव लेकर आता है। इसी बात को लेकर कई लोगों के मन में सवाल बना हुआ है कि जमीन पर बैठकर भोजन करना शुभ माना जाता है या डाइनिंग टेबल पर बैठकर। तो आइए जानते हैं इससे जुड़े कुछ वास्तु नियमों के बारे में-
जमीन पर बैठकर भोजन करना
वास्तु शास्त्र के अनुसार, जमीन पर बैठकर खाना खाना सबसे अधिक शुभ और लाभकारी माना जाता है। जमीन पर पालथी मारकर बैठने से शरीर की पाचन अग्नि तुरंत सक्रिय हो जाती है, जिससे भोजन का सही पाचन होता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, जमीन पर बैठकर भोजन करने से कुंडली के राहु और शनि ग्रह के प्रतिकूल प्रभाव शांत होते हैं और धन की देवी मां अन्नपूर्णा का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
डाइनिंग टेबल पर भोजन करने के निमय
वास्तु के अनुसार डाइनिंग टेबल चौकोर या आयताकार होनी चाहिए। गोल या अंडाकारटेबल पर भोजन करना वास्तु में शुभ नहीं माना जाता।
डाइनिंग टेबल को हमेशा घर की पश्चिम या पूर्व दिशा में रखना चाहिए।
भोजन के बाद टेबल को तुरंत साफ करें। डाइनिंग टेबल पर जूठे बर्तन या गंदगी छोड़ना नकारात्मक ऊर्जा और आर्थिक तंगी को आमंत्रित करता है।

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