Edited By Sarita Thapa,Updated: 22 Apr, 2026 11:39 AM

क्या तुम्हें किताबों की खुशबू पसंद है? क्या तुम कहानियों की दुनिया में खो जाना चाहते हो? अगर हां, तो 23 अप्रैल का दिन तुम्हारे लिए बहुत खास है। इस दिन पूरी दुनिया में विश्व पुस्तक और कॉपीराइट दिवस मनाया जाता है।
World Book Day : क्या तुम्हें किताबों की खुशबू पसंद है? क्या तुम कहानियों की दुनिया में खो जाना चाहते हो? अगर हां, तो 23 अप्रैल का दिन तुम्हारे लिए बहुत खास है। इस दिन पूरी दुनिया में विश्व पुस्तक और कॉपीराइट दिवस मनाया जाता है। यह दिन हमें किताबों से दोस्ती करने और लेखकों के अधिकारों का स मान करने की सीख देता है।
यह दिन क्यों मनाया जाता है?
विश्व पुस्तक और कॉपीराइट दिवस की शुरुआत यूनेस्को ने वर्ष 1995 में की थी। इस दिन को चुनने के पीछे एक खास वजह है। 23 अप्रैल को दुनिया के कई महान लेखकों का जन्म या निधन हुआ था। इनमें विलियम शेक्सपीयर और मिगेल दे सर्वांतेस जैसे प्रसिद्ध लेखक शामिल हैं। इसलिए यह दिन साहित्य और लेखकों को स मान देने के लिए चुना गया।
किताबें क्यों जरूरी हैं?
किताबें हमारी सबसे अच्छी दोस्त होती हैं। वे हमें नई-नई बातें सिखाती हैं, हमारी कल्पना शक्ति को बढ़ाती हैं और हमें सही-गलत का फर्क समझाती हैं। जब हम किताब पढ़ते हैं, तो हम एक नई दुनिया में चले जाते हैं जहां जादू, रोमांच और ज्ञान सब कुछ होता है। किताबें पढ़ने से हमारी भाषा बेहतर होती है, हमारी सोचने की क्षमता बढ़ती है, हम नई-नई जानकारियां सीखते हैं, हमारा आत्मविश्वास भी बढ़ता है।

कॉपीराइट क्या होता है?
अब बात करते हैं कॉपीराइट की। यह शब्द थोड़ा कठिन लग सकता है, लेकिन इसका मतलब बहुत आसान है। कॉपीराइट का मतलब है- किसी लेखक या कलाकार की रचना पर उसका अधिकार। मान लो तुमने एक सुंदर कहानी लिखी। अगर कोई दूसरा व्यक्ति तु हारी कहानी को बिना तु हारी अनुमति के अपने नाम से छाप दे, तो यह गलत है। कॉपीराइट कानून ऐसे ही गलत कामों को रोकता है और लेखक की मेहनत की रक्षा करता है।
कुछ रोचक तथ्य
अब जानते हैं कुछ मजेदार और हैरान कर देने वाले तथ्य- दुनिया की सबसे पुरानी किताब लगभग 2500 साल पुरानी है, जिसे मिस्र में पाया गया था। दुनिया की सबसे ज्यादा बिकने वाली किताब बाइबल है। एक व्यक्ति ने एक ही दिन में 1000 से ज्यादा किताबें पढ़ने का रिकॉर्ड बनाया है! दुनिया की सबसे छोटी किताब इतनी छोटी है कि उसे पढऩे के लिए माइक्रोस्कोप की जरूरत होती है। भारत में हर साल हजारों नई किताबें प्रकाशित होती हैं, जिनमें बच्चों की किताबें भी शामिल होती हैं।

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