Edited By Prachi Sharma,Updated: 15 Oct, 2026 03:44 PM

Anupam Kher on CJP Protest : मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच, दिग्गज अभिनेता अनुपम खेर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कुछ लोगों द्वारा इस्तेमाल की गई अभद्र और अपमानजनक भाषा पर नाराजगी जताई है।
Anupam Kher on CJP Protest : मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच, दिग्गज अभिनेता अनुपम खेर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कुछ लोगों द्वारा इस्तेमाल की गई अभद्र और अपमानजनक भाषा पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि हालांकि सरकार की आलोचना करना लोकतंत्र का हिस्सा है लेकिन इसमें गाली-गलौज या हिंसा के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए।
इंस्टाग्राम पर साझा किए गए एक वीडियो संदेश में, खेर ने कहा कि लोगों को सरकार से सवाल पूछने, प्रधानमंत्री की आलोचना करने और उनके फैसलों से असहमत होने का अधिकार है। लेकिन उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और उनकी मां के खिलाफ अभद्र भाषा के इस्तेमाल, और विरोध प्रदर्शनों के दौरान पुलिसकर्मियों तथा महिला पुलिस अधिकारियों के साथ किए गए कथित दुर्व्यवहार का विरोध किया।
उन्होंने कहा, "मेरे साथ मेरे देश का नाम जुड़ा है और इस जिम्मेदारी के चलते मैं खुद को भारत का एक अनौपचारिक सांस्कृतिक राजदूत मानता हूं। लेकिन भारत के कुछ वीडियो देखकर मुझे दुख हुआ है। खेर ने आगे कहा, "मुझे कुछ हद तक गुस्सा भी आ रहा है। मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि हम सभी को विरोध करने का अधिकार है। हमें सरकार से सवाल पूछने चाहिए और प्रधानमंत्री की आलोचना करनी चाहिए, हम उनके फैसलों से असहमत हो सकते हैं... यह सब लोकतंत्र का हिस्सा है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि ऐसा करने का एक तरीका होना चाहिए। उन्होंने आगे कहा, "लेकिन प्रधानमंत्री को गाली देना, उनकी मां के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल करना, पुलिस अधिकारी के साथ दुर्व्यवहार करना, महिला पुलिस अधिकारियों का अपमान करना और उन्हें उकसाना, क्या यह सही है ? आपका विरोध चाहे कितना भी कड़ा क्यों न हो... क्या अपनी राय रखने के लिए गाली-गलौज करना जरूरी है? मैं यह एक आम नागरिक के तौर पर कह रहा हूं।
खेर ने कहा, "मैंने हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व के लिए वोट दिया था। और पिछले 12 वर्षों में उन्होंने देश के लिए जो कुछ भी किया है, उसे देखते हुए मेरा यह भरोसा आज भी कायम है।
अभिनेता ने कहा कि जो लोग चुनावों और चुनाव आयोग पर आरोप लगा रहे हैं, उन्हें सबूत पेश करने चाहिए, जवाब मांगना चाहिए और कानूनी व संवैधानिक प्रक्रियाओं का पालन करना चाहिए।
उन्होंने कहा, "अगर आप इस सरकार को बदलना चाहते हैं, तो चुनाव लड़ें। लोगों के बीच जाएं। उनका भरोसा जीतें। उन्हें समझाएं कि मौजूदा सरकार की नीतियां खराब हैं और आपकी नीतियां बेहतर हैं। वोट मांगें।" खेर ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने के अधिकार का समर्थन किया, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि हिंसा या किसी को जानबूझकर नुकसान पहुंचाने की कोशिशों का विरोध किया जाना चाहिए।
उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि प्रदर्शनकारियों, सत्ता में बैठे लोगों और सरकार के समर्थकों, सभी के लिए एक जैसे मानक होने चाहिए। अभिनेता ने प्रधानमंत्री मोदी का मज़ाक उड़ाने के लिए उन्हें "चाय बेचने वाला" कहे जाने पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा, "आप किसी ऐसे व्यक्ति का अपमान कैसे कर सकते हैं जो एक साधारण परिवार से आता है ? उन्होंने आगे बताया कि वह खुद भी अक्सर इस बात का ज़िक्र करते हैं कि वह वन विभाग के एक क्लर्क के बेटे हैं।
दिग्गज अभिनेता ने आगे कहा कि एक ही पेशे से जुड़े लोगों के राजनीतिक विचार एक जैसे हों, यह जरूरी नहीं है। उन्होंने कहा कि अलग-अलग राय रखने वाले लोगों को भी अपनी बात रखने का अधिकार होना चाहिए। उन्होंने कहा, "उनकी राय उनकी है। मेरी राय मेरी है। दोनों को अपनी बात रखने का मौका मिलना चाहिए।खेर ने माना कि इस बयान के बाद उन्हें आलोचना और अपशब्दों का सामना करना पड़ सकता है लेकिन उन्होंने कहा कि वह एक आम नागरिक के तौर पर अपनी राय रख रहे हैं। अनुपम खेर अपने नाटक 'जाने पहचाने अनजाने' के साथ अलग-अलग देशों की यात्रा कर रहे हैं। इस स्टेज प्रोडक्शन को 'अनुपम खेर स्टूडियो' ने पेश किया है, जिसमें अनुपम खेर के साथ अभिनेत्री स्वरूप संपत भी नज़र आएंगी। इस नाटक का संगीत अनु मलिक ने तैयार किया है; यह पहली बार है जब उन्होंने किसी स्टेज नाटक के लिए संगीत दिया है।