Edited By Prachi Sharma,Updated: 14 Oct, 2026 04:54 PM

Sona Mohapatra : कांग्रेस नेता राहुल गांधी और हिमाचल प्रदेश राज्य की मौजूदा स्थिति पर टिप्पणी करने के बाद गायिका सोना महापात्रा को अपमानजनक टिप्पणियों का सामना करना पड़ा। बुधवार को, सोना ने अपने X टाइमलाइन पर नेटिजन्स की तीखी टिप्पणियों का...
Sona Mohapatra : कांग्रेस नेता राहुल गांधी और हिमाचल प्रदेश राज्य की मौजूदा स्थिति पर टिप्पणी करने के बाद गायिका सोना महापात्रा को अपमानजनक टिप्पणियों का सामना करना पड़ा। बुधवार को, सोना ने अपने X टाइमलाइन पर नेटिजन्स की तीखी टिप्पणियों का स्क्रीनशॉट अपलोड किया।
माइक्रोब्लॉगिंग साइट पर स्क्रीनशॉट पोस्ट करते हुए उन्होंने लिखा, "@buzzing_beez_ , यह कल से मुझे मिल रही राजनीतिक गालियों की बौछार का एक और ताजा उदाहरण है। RG (राहुल गांधी) को मेरा सुझाव एक वास्तविक सुझाव है क्योंकि असलियत तो काम से ही पता चलती है, है ना ? ओडिशा की पहाड़ियों में अंधाधुंध खनन पर सवाल उठाने वाली मेरी रील पर मुझे इतनी नफरत नहीं मिली थी। लेफ्ट ? लिबरल ?" कुछ टिप्पणियों में लिखा था, "तुम जैसे ***** को दुर्गा के बारे में कुछ नहीं पता। भाड़ में जाओ तुम और तुम्हारी BJP-भक्ति और "ये '****** लूजर' BJP को वोट देंगे और फिर RG से काम करने को कहेंगे। ***** फिर मोदी को वोट क्यों देते हो ?
लोकतंत्र को ठीक करने पर राहुल गांधी की टिप्पणियों पर सवाल उठाने के बाद महापात्रा को ट्रोल किया गया। उन्होंने कांग्रेस नेता से आग्रह किया कि लोकतंत्र के बारे में सोचने से पहले वे अपनी पार्टी द्वारा शासित हिमाचल प्रदेश में काम करें। सोना ने बताया कि नौ साल के अंतराल के बाद जब वह हिमाचल प्रदेश लौटीं तो वहां की पहाड़ियों और नदियों की हालत देखकर हैरान रह गईं।
सोना महापात्रा ने बोली थी ये बात
गायिका ने ट्वीट किया, "प्रिय @RahulGandhi, लोकतंत्र को ठीक करने से पहले, क्या आप हिमाचल प्रदेश को ठीक करने से शुरुआत कर सकते हैं ? मैं 9 साल बाद लौटी और कचरे से अटी पहाड़ियों और दम घोंटती नदियों को देखकर हैरान रह गई। कांग्रेस-शासित इस राज्य को गवर्नेंस का मॉडल बनाएं। लोगों का जनादेश हासिल करें, सिर्फ़ उसकी मांग न करें। महापात्रा की पोस्ट मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मोदी सरकार पर राहुल गांधी की टिप्पणियों के जवाब में थी।
नेता ने दावा किया था कि CEC को हटाने और BJP सरकार के जाने से देश में लोकतंत्र को बहाल करने में मदद मिलेगी। ज्ञानेश कुमार जाएंगे। यह सरकार जाएगी। फिर लोकतंत्र को ठीक करने का काम शुरू होगा।