Awarapan 2 Review: इमरान हाशमी की दमदार वापसी, भावनाओं और एक्शन से भरपूर है शिवम की नई कहानी

Edited By Updated: 14 Aug, 2026 11:33 AM

awarapan 2 movie review in hindi

यहां पढ़ें कैसी है इमरान हाशमी स्टारर फिल्म आवारापन 2।

फिल्म- आवारापन 2 (Awarapan 2) 
स्टारकास्ट- इमरान हाशमी (Emraan Hashmi), दिशा पटानी (Disha Patani) और शबाना आज़मी (Shabana Azmi)
डायरेक्टर- नितिन कक्कड़ (Nitin Kakkar)
रेटिंग- 3.5*


Awarapan 2: करीब दो दशक बाद इमरान हाशमी ने एक बार फिर उस किरदार का हाथ थामा है जिसने उनके करियर के सबसे यादगार किरदारों में अपनी जगह बनाई थी। ‘आवारापन 2’ में शिवम पंडित की वापसी सिर्फ एक पुराने किरदार की वापसी नहीं है, बल्कि उसके अधूरे दर्द और बीते जख्मों को एक नई कहानी के साथ जोड़ने की कोशिश है। 2007 की ‘आवारापन’ के इमोशनल असर के बाद इस बार कहानी का दायरा बड़ा किया गया है, जहां प्यार और दर्द के साथ चाइल्ड ट्रैफिकिंग, ऑर्गनाइज्ड क्राइम, एक्शन और बलिदान भी देखने को मिलता है। नितिन कक्कड़ के निर्देशन में बनी यह फिल्म पुराने शिवम को नए दौर की परिस्थितियों में खड़ा करती है और देखना दिलचस्प है कि वक्त के साथ उसका किरदार कितना बदला है। तो चलिए जानते हैं कैसी है फिल्म आवारापन 2...

कहानी
फिल्म की कहानी शिवम पंडित की जिंदगी में आलिया की याद से शुरू होती है। इसी बीच उसे आलिया की कब्र के पास एक मासूम बच्ची मिलती है, जिसे वह अनाथालय पहुंचाता है और उसकी देखभाल का खर्च उठाता है। शिवम उसका नाम भी आलिया रख देता है। बाद में एक कपल बच्ची को गोद ले लेता है और शिवम को लगता है कि उसने उसे बेहतर जिंदगी देने का रास्ता चुन लिया है। लेकिन जल्द ही उसे पता चलता है कि बच्ची को गोद लेने वाला कपल एक इंटरनेशनल चाइल्ड-ट्रैफिकिंग सिंडिकेट का हिस्सा है। इंटरपोल से उसे जानकारी मिलती है कि आलिया का अपहरण हो चुका है। अपराध की दुनिया से दूर हो चुका शिवम एक बार फिर वापस लौटता है। इस बार उसका मिशन सिर्फ बच्ची को बचाना नहीं, बल्कि अपने पुराने पछतावे से बाहर निकलने और खुद को दोबारा साबित करने की लड़ाई भी है। पहली फिल्म की तुलना में इस बार कहानी का दायरा बड़ा है और एक्शन भी ज्यादा देखने को मिलता है।

एक्टिंग
शिवम पंडित के किरदार में इमरान हाशमी एक बार फिर अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराते हैं। उनके किरदार का गुस्सा, दर्द और इमोशनल संघर्ष कहानी को मजबूती देता है। खासकर उन दृश्यों में जहां शिवम अपने अतीत और भावनाओं से जूझता नजर आता है, इमरान का अभिनय प्रभावी लगता है। दिशा पाटनी जारा के किरदार में हैं, जो अपने परिवार से जुड़ी क्राइम की दुनिया में फंस जाती है और अपने किरदार में इमोशन व संवेदनशीलता लेकर आती हैं। पुरन गब्बी जोरावर के रोल में दिलचस्प नजर आते हैं, वहीं शबाना आजमी नफीसा के किरदार में अपनी छाप छोड़ती हैं। सुविंदर विक्की, विजयंत कोहली, अतुल कुमार और अनिरुद्ध रावल समेत बाकी कलाकार भी कहानी के क्राइम और जांच वाले हिस्से को मजबूती देते हैं। फिल्म का म्यूजिक भी इसकी खासियत है। मिथुन, अमाल मलिक और जीत गांगुली के संगीत के साथ ‘तेरा मेरा रिश्ता’, ‘तो फिर आओ’ और अरिजीत सिंह की आवाज में ‘ये आवारापन’ कहानी के इमोशनल हिस्से को और असरदार बनाते हैं।


डायरेक्शन
डायरेक्शन की बात करें तो नितिन कक्कड़ ने फिल्म को बड़े स्केल पर पेश किया है और एक्शन, क्राइम तथा इमोशन के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की है। बिलाल सिद्दीकी की राइटिंग कहानी को आगे बढ़ाती है, जबकि ‘आवारापन’ के को-प्रोड्यूसर और ‘आवारापन 2’ के राइटर-प्रोड्यूसर विशाल भट्ट ने शिवम पंडित की कहानी को सिर्फ दोहराने के बजाय उसे एक बड़ी फ्रेंचाइजी की दिशा में ले जाने की कोशिश की है। पहली फिल्म जैसी निजी और गहरी भावनात्मक पकड़ इस बार थोड़ी कम महसूस होती है, लेकिन बड़े स्केल, एक्शन, क्राइम, म्यूजिक और इमरान हाशमी की वापसी फिल्म को अपनी अलग पहचान देते हैं। कुल मिलाकर, ‘आवारापन 2’ शिवम पंडित के पुराने दर्द को एक नई और बड़ी कहानी के साथ आगे बढ़ाती है। अगर आप पहली ‘आवारापन’ से जुड़े हैं और इमरान हाशमी को एक बार फिर शिवम के रूप में देखना चाहते हैं, तो यह फिल्म आपके लिए जरूर खास हो सकती है।

 

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