Edited By Prachi Sharma,Updated: 16 Aug, 2026 01:30 PM

Faria Abdullah: तेलगु एक्ट्रेस फरिया अब्दुल्लाह इन दिनों अपने एक वीडियो को लेकर चर्चा में हैं। दरअसल, 10 अगस्त को वह एक हैदराबाद में आयोजित बोनालु उत्सव में शामिल हुई थीं और मीरालम मंडी स्थित ऐतिहासिक श्री महाकालेश्वर अम्मावारी मंदिर के दर्शन भी...
Faria Abdullah: तेलगु एक्ट्रेस फरिया अब्दुल्लाह इन दिनों अपने एक वीडियो को लेकर चर्चा में हैं। दरअसल, 10 अगस्त को वह एक हैदराबाद में आयोजित बोनालु उत्सव में शामिल हुई थीं और मीरालम मंडी स्थित ऐतिहासिक श्री महाकालेश्वर अम्मावारी मंदिर के दर्शन भी किए थे। इस दौरान एक्ट्रेस बोनम लेकर डांस करती हुई नजर आईं, जिसके वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गए। वीडियो सामने के बाद कुछ यूजर्स ने उनकी धार्मिक पहचान को लेकर सवाल उठाते हुए उन्हें ट्रोल करना शुरू कर दिया। अब 15 अगस्त को फरिया ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर कर इन ट्रोलर्स को जवाब दिया है। इस वीडियो में अपनी बात रखते हुए एक्ट्रेस भावुक हो गईं और उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े।
वीडियो बना कर एक्ट्रेस ने दिया जवाब
इस एक्ट्रेस के पिता हिंदू थे, जिन्होंने बाद में इस्लाम अपना लिया था। एक्ट्रेस ने उन लोगों की आलोचना की जो उनके धार्मिक विश्वासों पर सवाल उठाकर उन्हें 'काफ़िर' कह रहे थे। उन्होंने धर्म के बारे में अपनी सोच बताई और कहा कि वह अपने आस-पास की हर चीज में जीवन देखती हैं।
मेरे पिता एक Converted मुस्लिम हैं...
मेरे पिता ने इस्लाम अपनाया था। क्या आप समझते हैं कि इसका क्या मतलब है ? उन्होंने इस्लाम इसलिए अपनाया क्योंकि उन्हें यह धर्म पसंद था। मेरी परवरिश कैसी रही होगी, जब कोई मुझे किसी धर्म की अच्छी बातें सिखाकर बड़ा कर रहा हो, क्योंकि उन्हें वह धर्म इतना पसंद था कि वे उसे अपनाना चाहते थे? मैंने हमेशा इस्लाम की अच्छी बातें ही देखी हैं। सच कहूं तो, मैं आपके लिए अच्छा ही चाहती हूं ।
जो लोग मुझसे नफरत करते हैं उन्हें भी मेरा प्यार
फारिया ने उन लोगों को भी आड़े हाथों लिया जिन्होंने उन्हें काफिर कहा और कहा कि वह उनका बुरा नहीं चाहतीं। उन्होंने यह भी बताया कि उन्हें प्रकृति और अपने आस-पास की दुनिया में जीवन और आध्यात्मिकता का एहसास कैसे होता है। जो भी मुझसे नफरत कर रहा है, जो भी सोचता है कि मैं गलत रास्ते पर जा रही हूं, काफिर हूं, या जो भी आप कहना चाहें, मैं आपके भले की कामना करती हूं। मैं आपके लिए अच्छा चाहती हूं। मुझे पेड़ों में जीवन दिखता है, चट्टानों में जीवन दिखता है, तितलियों में जीवन दिखता है, यह सब कुछ है और अगर यह आपको हैरान नहीं करता, अगर यह आपको भगवान से दूर करने के बजाय उन पर और ज़्यादा विश्वास करने के लिए प्रेरित नहीं करता, तो मुझे अफसोस है, मेरे दोस्त, आप बहुत कुछ मिस कर रहे हैं।
अगर बात यही है, अगर आप हर चीज या हर उस व्यक्ति में जादू या भगवान को नहीं देखना चाहते जिनसे आप मिलते हैं, तो आप बहुत कुछ मिस कर रहे हैं। मैं एकता के लिए प्रार्थना करती हूं, मैं शांति के लिए प्रार्थना करती हूं और मैं ऐसा करूंगी क्योंकि यही मेरा विद्रोह है, यही मेरी क्रांति है।
फरिया एक ऐसे परिवार से आती हैं जहां अलग-अलग धर्मों को मानने वाले लोग हैं, उनके माता-पिता दोनों का संबंध अलग-अलग धर्मों से रहा है। उनके पिता, संजय अब्दुल्ला, का जन्म एक हिंदू परिवार में हुआ था और बाद में उन्होंने इस्लाम अपना लिया था, जबकि उनकी मां, कौसर सुल्ताना, जन्म से मुस्लिम थीं लेकिन बाद में हिंदू आध्यात्मिकता और ध्यान में उनकी गहरी रुचि हो गई।