जहरीली शराब से चार की मौत, 18 लोग अस्पताल में भर्ती,...शराबबंदी वाले राज्य में कैसे पहुंची जहरीली शराब?

Edited By Updated: 19 Aug, 2026 08:22 PM

four people died from poisonous liquor 18 were hospitalized how did the poison

गुजरात के भावनगर जिले में कथित तौर पर जहरीली शराब के सेवन से चार लोगों की मौत हो गई और 18 अन्य को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें से आठ की हालत गंभीर है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस सिलसिले में चार अवैध शराब...

भावनगर: गुजरात के भावनगर जिले में कथित तौर पर जहरीली शराब के सेवन से चार लोगों की मौत हो गई और 18 अन्य को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें से आठ की हालत गंभीर है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस सिलसिले में चार अवैध शराब विक्रेताओं को हिरासत में लिया गया है। पीड़ितों ने एक लोकप्रिय इंडियन मेड फॉरेन लिकर (आईएमएफएल) ब्रांड की नकली शराब का सेवन किया था।

गुजरात 'शराब बंदी' वाला राज्य है जहां शराब का निर्माण, बिक्री और सेवन प्रतिबंधित है। भावनगर के जिलाधिकारी मनीष कुमार ने बताया कि जिला प्रशासन को मंगलवार शाम करीब छह बजे जिले के घोघा तालुका के खरखड़ी गांव में एक पार्टी के दौरान अवैध शराब पीने के बाद पांच दोस्तों के बीमार पड़ने की सूचना मिली। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ''भावनगर शहर के भीतर अन्य गांवों और इलाकों के लोग भी प्रभावित हुए हैं। कुल 22 लोग प्रभावित हुए हैं। इनमें से चार लोगों की मौत हो गई है, जबकि 18 अन्य का फिलहाल इलाज जारी है।

कुमार ने बताया कि मृतकों की पहचान कार्तिक मकवाणा (40), उपेंद्र गोहिल (25), घनश्याम जडेजा (50) और नरेंद्र यादव के रूप में हुई है। हालांकि, उन्होंने कहा कि यह अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हुआ है कि यादव की मौत जहरीली शराब के सेवन के कारण हुई या नहीं। उन्होंने कहा, ''उपचाराधीन 18 लोगों में से चिकित्सकीय रिपोर्ट के अनुसार दो की हालत गंभीर है, चार आईसीयू में हैं, दो वेंटिलेटर पर हैं, जबकि 10 अन्य की हालत स्थिर है।'' जिलाधिकारी ने बताया कि सूरत का एक व्यक्ति वहां इलाज करा रहा है, जबकि जामनगर का व्यक्ति बिना किसी लक्षण के है। 

उन्होंने प्रभावित इलाकों के उन सभी लोगों से भी अपील की, जिन्होंने पिछले चार दिनों में किसी विशेष ब्रांड की आईएमएफएल का सेवन किया है, कि वे लक्षण दिखाई देने या न देने की परवाह किए बिना नजदीकी अस्पताल या भावनगर के सर टी अस्पताल में अपनी जांच कराएं। सर टी अस्पताल और अहमदाबाद के किडनी अस्पताल आईकेडीआरसी के डॉक्टरों की टीमें निजी अस्पतालों में चल रहे निशुल्क उपचार शिविरों में निगरानी के लिए भेजी जा रही हैं। पुलिस अधीक्षक (एसपी) नितेश पाण्डेय ने बताया कि कुछ दिन पहले खरखड़ी गांव में लोगों के एक समूह ने आईएमएफएल ब्रांड की एक ''डुप्लीकेट'' बोतल से शराब पी थी, जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। उन्होंने बताया कि इसके बाद एक व्यक्ति की मौत हो गई और छह अन्य को भावनगर के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया। 

एसपी ने संवाददाताओं को बताया कि वरतेज और शहर के अन्य थाना क्षेत्रों के अवैध शराब विक्रेताओं को हिरासत में लिया गया है। अधिकारी ने कहा कि प्रभावित लोगों की जांच में यह सामान्य बात सामने आई कि उनमें से ज्यादातर ने डुप्लीकेट शराब की बोतलों से शराब का सेवन किया था। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच में संकेत मिला है कि ये बोतलें मध्य प्रदेश से लाई गई थीं और यह पता लगाने के लिए आगे जांच की जा रही है कि इन्हें कहां से लाया गया, कैसे तैयार किया गया और यहां किसने भेजा। एसपी ने कहा, ''इन लोगों से पूछताछ के बाद हमने अलग-अलग पुलिस टीमों को लगाया, जिन्होंने तकनीकी निगरानी और सूचना की मदद से डुप्लीकेट आईएमएफएल ब्रांड की बोतलों की आपूर्ति करने वाले चार अवैध शराब विक्रेताओं को हिरासत में लिया। कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

अधिकारी ने बताया कि इन लोगों के पास से इसी ब्रांड की कई बोतलें बरामद की गई हैं और जहरीली शराब की आपूर्ति में शामिल अन्य शराब विक्रेताओं को पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) की एक टीम भी वैज्ञानिक जांच में शामिल है। 
 

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