Edited By Prachi Sharma,Updated: 27 Jul, 2026 03:15 PM

Entertainment Desk : हिंदी सिनेमा के पहले सुपरस्टार कहे जाने वाले राजेश खन्ना ने अपने दौर में इंडस्ट्री पर ऐसा जादू चलाया था कि उनकी लोकप्रियता का मुकाबला करना किसी भी अभिनेता के लिए आसान नहीं था। उनकी एक झलक पाने के लिए फैंस बेताब रहते थे और कई...
Entertainment Desk : हिंदी सिनेमा के पहले सुपरस्टार कहे जाने वाले राजेश खन्ना ने अपने दौर में इंडस्ट्री पर ऐसा जादू चलाया था कि उनकी लोकप्रियता का मुकाबला करना किसी भी अभिनेता के लिए आसान नहीं था। उनकी एक झलक पाने के लिए फैंस बेताब रहते थे और कई महिला प्रशंसक उन्हें खूब से लिखे खत तक भेजती थीं। हालांकि, जितनी चमक उनके फ़िल्मी करियर में थी, उतनी ही उथल-पुथल उनकी निजी जिंदगी में भी देखने को मिली।
राजेश खन्ना और डिंपल कपाड़िया की शादीशुदा जिंदगी अक्सर तनाव और मतभेदों की वजह से चर्चा में रही। वहीं, अभिनेत्री अंजू महेंद्र से उनका रिश्ता टूटने का दर्द भी उन्होंने गहराई से महसूस किया लेकिन कथित तौर पर उनके जीवन का सबसे बड़ा भावनात्मक झटका तब लगा, जब उन्हें अपने गोद लिए जाने की जानकारी मिली।

यह दावा अभिनेत्री अनीता आडवाणी ने किया है, जो खुद को राजेश खन्ना के आखिरी दिनों में उनके सबसे करीबी लोगों में से एक बताती रही हैं। अनीता के अनुसार, जब राजेश खन्ना को अपने अडॉप्टेड होने का सच पता चला, तो वह इस खबर से बेहद आहत हो गए थे और इसका उनसे मानसिक और भावनात्मक जीवन पर गहरा असर पड़ा।
परिवार के किसी सदस्य के करीब नहीं थे
एक पॉडकास्ट के दौरान अनीता ने दावा किया कि राजेश खन्ना को बचपन में गोद लिया गया था और जब उन्हें इस सच्चाई का पता चला, तो यह उनकी जिंदगी का सबसे बड़ा भावनात्मक झटका साबित हुआ। अनीता ने यह भी बताया कि राजेश खन्ना का अपने परिवार से खास लगाव नहीं था।
उन्होंने एक घटना का जिक्र करते हुआ कहा की एक बार राजेश खन्ना की सगी बहन उनसे मिलने आई थीं लेकिन उन्होंने उन्हें पहचानते हुए पूछा, ये कौन है ? अनीता के मुताबिक, राजेश खन्ना और उनकी सगी बहनों के बीच कभी गहरा भावनात्मक रिश्ता नहीं बन पाया था और परिवार के अन्य सदस्यों से भी उनकी ज्यादा नजदीकियां नहीं थीं।

राजेश खन्ना को हर रिश्ते में मिला धोखा
अनीता आडवाणी का दावा है कि गोद लिए जाने की सच्चाई सामने आने और करीबी लोगों से मिले लगातार विश्वासघात ने राजेश खन्ना को भीतर से झकझोर दिया था। उनके अनुसार, इन अनुभवों के बाद राजेश खन्ना का लोगों पर भरोसा लगभग खत्म हो गया था और वह आसानी से किसी पर विश्वास नहीं कर पाते थे। अनीता ने कहा कि एक ओर उन्हें अपने अडॉप्टेड होने की बात ने गहरा आघात पहुंचाया, वहीं दूसरी ओर उनके अधिकांश रिश्तों में भी उन्हें निराशा और धोखा मिला। उनका यह भी दावा है कि फिल्म इंडस्ट्री में जिन लोगों को राजेश खन्ना ने आगे बढ़ने में मदद की, उनमें से कई ने बाद में उनका साथ नहीं दिया। इतना ही नहीं, राजनीतिक अभियानों के दौरान भी उनसे प्रचार कराया जाता था लेकिन कथित तौर पर आर्थिक लाभ दूसरे लोग उठा लेते थे। अनीता के मुताबिक, राजेश खन्ना ने खुद ऐसे अभियानों के बदले कभी कोई पैसा नहीं लिया।
