Jab Khuli Kitaab Review: सालों की शादी, एक सच और बदलते रिश्तों की दिल छू लेने वाली कहानी

Edited By Updated: 06 Mar, 2026 01:20 PM

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यहां पढ़ें कैसी है फिल्म जब खुली किताब

फिल्म- जब खुली किताब (Jab Khuli Kitaab)
स्टारकास्ट- पंकज कपूर (Pankaj Kapoor) , डिंपल कपाड़िया (Dimple Kapadia) , अपारशक्ति खुराना (Aparshakti Khurana), समीर सोनी (Samir Soni), मानसी पारेख (Mansi Parekh) और नौहीद साइरुसी (Nauheed Cyrusi)
डायरेक्टर व लेखक- सौरभ शुक्ला (Saurabh Shukla)
रेटिंग - 3*

 

जब खुली किताब: हिंदी सिनेमा में प्यार की कहानियां हमेशा से पसंद की जाती रही हैं, लेकिन उम्रदराज़ जोड़ों की प्रेम कहानी कम ही देखने को मिलती है। ZEE5 की ‘जब खुली किताब’, जिसे सौरभ शुक्ला द्वारा लिखा और डायरेक्ट किया गया है। वह एक ऐसी ही इमोशनल कहानी लेकर आए हैं। ये फिल्म रिश्तों, भरोसे और माफी की कहानी को हल्के-फुल्के लेकिन असरदार अंदाज़ में पेश करती है।

कहानी 
फिल्म की कहानी गोपाल और अनुसूया की है जिनकी शादी को कई साल बीत चुके हैं। उनकी ज़िंदगी शांत और संतुलित नजर आती है लेकिन एक छोटा-सा खुलासा उस रिश्ते को हिलाकर रख देता है। एक राज़  कैसे बड़े बदलाव का कारण बन जाता है यही इस फिल्म का मुख्य आधार है। लेकिन यह घटना परिवार को तोड़ती नहीं बल्कि उन्हें अपने रिश्तों को नए नजरिए से देखने पर मजबूर करती है। कहानी मेंइमोशन्स भी हैं और हल्की फुल्की कॉमेडी भी देखने को मिलता है जो इसे बोरिंग नहीं बनने देता। फिल्म प्यार, साथ और माफी के जरिए रिश्तों को फिर से समझने की कोशिश करती है।

एक्टिंग
पंकज कपूर ने गोपाल के किरदार में गहराई और सादगी दोनों को खूबसूरती से निभाया है। उनके चेहरे के भाव और डायलॉग डिलीवरी फिल्म की जान हैं। वहीं अभिनेत्री डिंपल कपाड़िया ने अनुसूया के किरदार में मजबूती और संवेदनशीलता दिखाई है। दोनों की केमिस्ट्री उम्रदराज प्रेम को बेहद सच्चे तरीके से पेश करती है। बाकी सहायक कलाकारों ने भी कहानी को मजबूती दी है खासकर अपारशक्ति खुराना ने अपने किरदार में हल्की-फुल्की कॉमेडी जोड़ा है।

डायरेक्शन
फिल्म जब खुली किताब को सौरभ शुक्ला ने लिखा और डायरेक्ट किया है। फिल्म का डायरेक्शन काफी अच्छा और सादे तरीके से किया गया है। फिल्म बिल्कुल भी खींची हुई नहीं लगती है। हर सीन को तरीके से शूट किया है। निर्देशक सौरभ शुक्ला ने एक अलग विषय को संवेदनशीलता और मनोरंजन के संतुलन के साथ पेश किया है। फिल्म में ड्रामा है, इमोशन है और हल्की कॉमेडी भी, जो दर्शकों को जोड़े रखती है।

‘Jab Khuli Kitaab’ एक पारिवारिक और भावनात्मक फिल्म है, जो उम्र के आखिरी पड़ाव में भी प्यार और साथ की अहमियत को दिखाती है। अगर आप रिश्तों पर आधारित सधी हुई और दिल को छूने वाली कहानी देखना चाहते हैं, तो यह फिल्म जरूर देखी जा सकती है।

 

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