Edited By Mehak,Updated: 06 Mar, 2026 05:18 PM

कांग्रेस ने कहा है कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को हटाने का विपक्ष द्वारा लाया गया प्रस्ताव नियमों और परंपराओं के अनुसार है और इसे सदन में चर्चा के लिए रखा जाना चाहिए। प्रस्ताव में बिरला पर “खुलकर भेदभाव” करने का आरोप है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश...
नेशनल डेस्क : कांग्रेस ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पद से हटाने के लिए विपक्ष द्वारा लाए गए प्रस्ताव पर संभावित चर्चा से कुछ दिनों पहले शुक्रवार को कहा कि यह प्रस्ताव नियमों और परंपराओं के अनुरूप है तथा इस पर सदन में चर्चा होनी चाहिए। बजट सत्र के दूसरे चरण की शुरुआत नौ मार्च को होगी। लोकसभा में बिरला के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाए गए प्रस्ताव पर उस दिन चर्चा हो सकती है। प्रस्ताव में, बिरला पर ''खुलकर भेदभाव'' करने का आरोप लगाया गया है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा, ''तृणमूल कांग्रेस के अलावा सभी विपक्षी दलों के सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष को हटाने के प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए हैं।
कहा गया है कि इस पर नौ मार्च को विचार किया जाएगा।'' उन्होंने कहा, ''यह एक स्वस्थ, लोकतांत्रिक परंपरा है। हमने एक प्रस्ताव प्रस्तुत किया है, जो नियमों के अनुसार है, परंपराओं के अनुसार है... अतीत में भी ऐसे मौके आए हैं। उदाहरण के लिए, 1954 में जब संयुक्त विपक्ष की ताकत मुश्किल से 50 सांसदों की थी और 489 सदस्यों के सदन में कांग्रेस के 364 सांसद थे, तब तत्कालीन अध्यक्ष जी वी मावलंकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था।" कांग्रेस नेता ने कहा, ''यह लोकतांत्रिक माध्यम है, संसदीय लोकतंत्र के लिये औजार है। विपक्ष को पूरा अधिकार है। हम चर्चा करेंगे, देखते हैं उसके बाद क्या होता है।''