Edited By Manisha,Updated: 25 Aug, 2026 12:55 PM

Zee Studios ने 2026-27 के लिए अपनी बहुभाषी और मल्टी-जॉनर कंटेंट स्लेट को और मजबूत किया है। हिंदी, मराठी, तेलुगु, तमिल, मलयालम, गुजराती और कन्नड़ समेत कई भाषाओं में एक्शन, रोमांस, थ्रिलर, माइथोलॉजी और कमर्शियल एंटरटेनमेंट से जुड़ी फिल्में दर्शकों के...
नई दिल्ली/टीम डिजिटल। भारतीय सिनेमा का दायरा लगातार बढ़ रहा है और अब फिल्में भाषा या क्षेत्र की सीमाओं तक सीमित नहीं हैं। इसी बदलते सिनेमाई दौर को ध्यान में रखते हुए Zee Studios ने 2026-27 के लिए अपनी कंटेंट स्ट्रैटेजी को और मजबूत किया है। स्टूडियो की नई स्लेट हिंदी, मराठी, तेलुगु, तमिल, मलयालम, गुजराती और कन्नड़ समेत कई भारतीय भाषाओं में फैली हुई है। इसमें एक्शन, रोमांस, थ्रिलर, सस्पेंस, माइथोलॉजी और कमर्शियल एंटरटेनमेंट जैसे अलग-अलग जॉनर की फिल्में शामिल हैं।
हिंदी सिनेमा में 'बाप' से 'दिल्ली 2021' तक कई बड़े प्रोजेक्ट्स
हिंदी फिल्मों की बात करें तो Zee Studios की स्लेट में 'बाप', 'रामभूमि', 'दिल्ली 2021' और 'ब्लाइंड बाबू' जैसे प्रोजेक्ट्स शामिल हैं। इन फिल्मों के जरिए बड़े पैमाने के एक्शन और एंटरटेनमेंट से लेकर सस्पेंस और मॉडर्न स्टोरीटेलिंग तक अलग-अलग तरह की कहानियां पेश की जाएंगी। वहीं 'रामभूमि' और 'इंद्रपुत्र' जैसे प्रोजेक्ट्स भारतीय माइथोलॉजी और इतिहास से प्रेरित सिनेमाई दुनिया को दर्शकों के सामने लाने की दिशा में अहम कदम हैं।
साउथ और रीजनल सिनेमा पर भी खास फोकस
Zee Studios ने दक्षिण भारतीय भाषाओं और रीजनल मार्केट्स में भी अपनी मौजूदगी बढ़ाने की तैयारी की है। तेलुगु में 'इंद्रपुत्र', 'NBK111', 'कनका दुर्गा' और 'अनसूया जनरल स्टोर्स', कन्नड़ में 'अन्ना फ्रॉम मेक्सिको', जबकि तमिल में 'Hi' और 'सत्यवान सावित्री' जैसी फिल्में शामिल हैं। इसके अलावा स्टूडियो ने 'टॉम एंड चेरी' के साथ गुजराती सिनेमा में भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है। मराठी सिनेमा में 'झेप', 'फुलवारा', 'मान' और 'जोगाई' जैसे प्रोजेक्ट्स के जरिए स्थानीय कहानियों और प्रतिभाओं को मंच देने की कोशिश की जा रही है।
‘भारत को सिर्फ एक भाषा या कहानी से नहीं दिखाया जा सकता’
Zee Studios के प्रवक्ता के मुताबिक, भारत को केवल एक भाषा या एक सिनेमाई नजरिए से नहीं समझा जा सकता। स्टूडियो का उद्देश्य अलग-अलग क्षेत्रों की ऑडियंस, टैलेंट और उनकी पसंद को ध्यान में रखते हुए विविध कहानियों को सामने लाना है। 'बाप' और 'सिला' जैसे प्रोजेक्ट्स जहां बड़े पैमाने के एक्शन एंटरटेनमेंट को दिखाएंगे, वहीं 'ब्लाइंड गेम', 'ब्लाइंड बाबू' और 'दिल्ली 2021' में थ्रिलर और साइकोलॉजिकल एलिमेंट्स देखने को मिलेंगे। इस बहुभाषी और मल्टी-जॉनर स्लेट के साथ Zee Studios 2026-27 में देशभर के साथ-साथ ग्लोबल ऑडियंस तक भारतीय कहानियां पहुंचाने की तैयारी में है।