Edited By Ramanjot,Updated: 03 Nov, 2026 01:19 PM

कैलिफोर्निया के क्यूपर्टिनो में मुख्यालय वाली इस टेक दिग्गज कंपनी के लिए भारत एक प्रमुख बाजार बनकर उभरा है, जिसका जिक्र सितंबर तिमाही के प्रदर्शन में कई बार किया गया है।
नई दिल्ली: Apple ने भारत में सितंबर तिमाही के दौरान अब तक का सबसे ज्यादा रेवेन्यू हासिल किया है। इसके साथ ही, Mac और सर्विस से मिलने वाले रेवेन्यू में भी रिकॉर्ड प्रदर्शन देखने को मिला है। साथ ही, iPhone अपग्रेड करने वालों की संख्या भी सितंबर तिमाही के हिसाब से सबसे ज्यादा रही है, जो देश में कंपनी के कारोबार की मजबूत स्थिति को दर्शाती है।
कैलिफोर्निया के क्यूपर्टिनो में मुख्यालय वाली इस टेक दिग्गज कंपनी के लिए भारत एक प्रमुख बाजार बनकर उभरा है, जिसका जिक्र सितंबर तिमाही के प्रदर्शन में कई बार किया गया है। कंपनी की अर्निंग कॉल के दौरान CEO जॉन टर्नस ने बताया कि Apple ने अपने ज्यादातर बाजारों में अच्छी ग्रोथ दर्ज की है। कंपनी ने अमेरिका, यूरोप, ग्रेटर चीन और बाकी एशिया-पैसिफिक क्षेत्रों में सितंबर तिमाही के नए रिकॉर्ड बनाए हैं। उन्होंने कहा, "भारत में अब तक के सबसे ज्यादा रेवेन्यू रिकॉर्ड के अलावा, हमने विकसित और उभरते हुए बाजारों में भी सितंबर तिमाही के रेवेन्यू रिकॉर्ड बनाए हैं।"
यह भी पढ़ें- दिवाली पर बड़ा ऑफर! सिर्फ 55 हजार रुपए में मिल रहा iPhone 17 Pro
कंपनी ने भारत में iPhone अपग्रेड के मामले में भी सितंबर तिमाही का नया रिकॉर्ड बनाया है। इससे वैश्विक स्तर पर अपग्रेड करने वालों के लिहाज से यह कंपनी का अब तक का सबसे बेहतरीन वित्तीय वर्ष रहा है। सप्लाई की दिक्कतों और विदेशी मुद्रा विनिमय (foreign exchange) से जुड़ी चुनौतियों के बावजूद, इस तिमाही में Apple का वैश्विक iPhone रेवेन्यू सालाना आधार पर 17 प्रतिशत बढ़कर 57.6 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया। टर्नस ने कहा, "हमने अमेरिका और ग्रेटर चीन में मजबूत दोहरे अंकों (double-digit) की ग्रोथ हासिल की, जिससे सितंबर तिमाही के रेवेन्यू रिकॉर्ड बने। हमने दुनिया भर के साथ-साथ अमेरिका, मुख्य भूमि चीन (Mainland China) और भारत में भी iPhone अपग्रेड करने वालों के लिए सितंबर तिमाही का रिकॉर्ड बनाया है। इससे वैश्विक स्तर पर अपग्रेड करने वालों के लिए यह हमारा अब तक का सबसे अच्छा वित्तीय वर्ष रहा है।"
भारत में एप्पल के सर्विस बिजनेस ने भी अब तक का सबसे ज्यादा रेवेन्यू हासिल किया, जबकि वैश्विक स्तर पर सर्विस रेवेन्यू 10 प्रतिशत बढ़कर 31.6 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया। पारेख ने कहा, "सर्विस रेवेन्यू ने 31.6 अरब अमेरिकी डॉलर का ऑल-टाइम रिकॉर्ड बनाया है। विदेशी मुद्रा (FX) के प्रतिकूल असर के बावजूद, इसमें साल-दर-साल 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। हमने जिन बाजारों पर नजर रखी है, उनमें से ज्यादातर में हमने अब तक के सबसे ज्यादा रेवेन्यू के रिकॉर्ड बनाए हैं; इनमें लैटिन अमेरिका और भारत जैसे कई उभरते बाजार भी शामिल हैं।"