Edited By Parveen Kumar,Updated: 03 Nov, 2026 11:48 PM

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को खुली बहस की चुनौती मंगलवार को फिर दोहराई और कहा कि प्रधानमंत्री किसी भी मंच और स्थान का चयन कर सकते हैं। उन्होंने तंज कसते हुए यह भी कहा कि...
नेशनल डेस्क : लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को खुली बहस की चुनौती मंगलवार को फिर दोहराई और कहा कि प्रधानमंत्री किसी भी मंच और स्थान का चयन कर सकते हैं। उन्होंने तंज कसते हुए यह भी कहा कि प्रधानमंत्री बहस के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत को जज भी बना सकते हैं। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने राहुल गांधी की चुनौती पर तंज कसते हुए कहा कि उच्च स्तर की बहस परिपक्व लोगों के बीच होती है। बीते सोमवर को प्रधानमंत्री को बहस की चुनौती देने के 24 घंटे बाद गांधी ने एक वीडियो संदेश जारी कर कहा कि प्रधानमंत्री को विपक्ष को देशद्रोही बताने और विदेशी ताकतों से कथित संबंधों के आरोपों पर खुलकर चर्चा करनी चाहिए।
गांधी ने कहा, ''24 घंटे हो गए मोदी जी। मैंने आपको चुनौती दी है। आप कहते हैं कि विपक्ष देशद्रोही है। किसी भी मंच पर, आप जगह चुनिए और मेरे साथ बहस कीजिए। देशद्रोही कौन है? विदेशी ताकतों से संबंध किसके हैं और किस तरह के हैं? जल्दी से जल्दी कीजिए, डरिए मत।'' उनका कहना है, ''एक तरफ आप बैठेंगे और एक तरफ मैं बैठूंगा। जिसको आप जज बनाना चाहते हैं, बना दीजिए। मोहन भागवत जी को बिठा दीजिए और फिर बहस करते हैं।''
कांग्रेस नेता ने कहा कि बहस में देश की वित्तीय व्यवस्था, वित्तीय ढांचे, अमेरिका के साथ हुए समझौते, उद्योगपति गौतम अदाणी से जुड़े एक मामले और जेफ्री एपस्टीन प्रकरण सहित कई मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि अमेरिका के साथ समझौता इतनी जल्दी कैसे हुआ, इसके बारे में मंत्रिमंडल को जानकारी क्यों नहीं दी गई और इस प्रक्रिया में पारदर्शिता क्यों नहीं रखी गई? गांधी ने अदाणी मामले का उल्लेख करते हुए भी सरकार से सवाल पूछे। उन्होंने कहा कि इन सभी मुद्दों पर खुलकर चर्चा होनी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
गांधी ने प्रधानमंत्री से कहा कि वह उन पर आरोप लगाते हैं तो उन्हें सार्वजनिक बहस के लिए सामने आना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि उनके खिलाफ करीब 45 मानहानि के मुकदमे दर्ज हैं, लेकिन विदेशी संबंधों से जुड़े आरोपों को लेकर प्रधानमंत्री ने उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा नहीं किया है। वीडियो के अंत में गांधी ने प्रधानमंत्री को दिवाली की शुभकामनाएं भी दीं। राहुल गांधी ने 'एक्स' पर एक अन्य पोस्ट में देश के युवाओं से पूछा कि क्या वे उनके और प्रधानमंत्री मोदी के बीच खुली बहस देखना चाहते हैं।
उन्होंने केंद्रीय मंत्रियों राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी और शिवराज सिंह चौहान के साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी प्रधानमंत्री को बहस के लिए मनाने की अपील की। उन्होंने लिखा कि ये सभी नेता प्रधानमंत्री के हितों को ध्यान में रखते हैं, इसलिए उन्हें मोदी को बहस के लिए राजी करना चाहिए। रीजीजू ने गांधी पर पलटवार करते हुए 'एक्स' पर पोस्ट किया , ''शीर्ष स्तर की बहस परिपक्व लोगों के बीच होती है।''
उन्होंने आरोप लगाया कि भारत के दुश्मनों के एजेंडे को आगे बढ़ाते हुए दूसरों पर विदेशी समर्थन लेने का आरोप लगाना आत्म-उपहास जैसा है। दरअसल, प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को गुजरात में राष्ट्रीय एकता दिवस के कार्यक्रम में विपक्ष पर निशाना साधा था और कहा था कि जब देश बाहरी चुनौतियों का सामना कर रहा था, तब देश के भीतर कुछ ताकतें झूठ और अफवाह फैलाकर अस्थिरता पैदा करने की कोशिश कर रही थीं।