Edited By Sonia Goswami,Updated: 06 Nov, 2018 03:43 PM

जल सभी जीवित प्राणियों के जीवन का आधार है। आधुनिक मानव सभ्यता के विकास के साथ, जल प्रदूषण की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। औद्योगीकरण एवं शहरीकरण की प्रवृत्ति बढ़ रही है। गांवों के अंदर एवं आसपास तेजी से विभिन्न उद्योगों की स्थापना के साथ ही वे...
जल सभी जीवित प्राणियों के जीवन का आधार है। आधुनिक मानव सभ्यता के विकास के साथ, जल प्रदूषण की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। औद्योगीकरण एवं शहरीकरण की प्रवृत्ति बढ़ रही है। गांवों के अंदर एवं आसपास तेजी से विभिन्न उद्योगों की स्थापना के साथ ही वे तेजी से कस्बों एवं शहरों में तब्दील होते जा रहे हैं जिससे जल संसाधनों का अत्यधिक दोहन एवं प्रदूषण हो रहा है।
उद्योगों के अत्यधिक निर्माण से उनसे निकलने वाले दूषित जल, बचे हुए रसायनिक कचरे आदि को नालियों के रास्ते नदियों में बहा दिया जाता है। घरों में रहने वाले लोगों के दैनिक गतिविधियों द्वारा उत्पन्न अपशिष्टों को भी नदियों में प्रवाहित किया जा रहा है जिससे नदियों का जल अत्यधिक प्रदूषित होता जा रहा है। यदि हमें जल प्रदूषण को नियंत्रित करना है तो हमें इस समस्या का कोई-ना-कोई समाधान निकालना होगा और इसके लिए हमें कानून भी बनाने होंगे एवं साथ ही रणनीतिक चिंतन भी करना होगा। इसके अलावा आप इस वीडियो में देख सकते हैं कैसे इस प्रदूषण को कम किया जा सकता है।