जिम्बाब्वे नाव हादसे का खुला राजः प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया खौफनाक सच, मरने वालों का आंकड़ा 70 के पार

Edited By Updated: 16 Aug, 2026 01:36 PM

26 more bodies are recovered in zimbabwe s ferry disaster

जिम्बाब्वे की करिबा झील में तेज लहरों के कारण मंगलवार को पुरानी नौका पलट गई। हादसे के बाद 26 और शव मिलने से मृतकों की संख्या 72 हो गई, जिनमें 18 बच्चे हैं। अनुमान है कि नौका में क्षमता से अधिक 153 लोग सवार थे। अब तक 77 लोगों को बचाया गया है।

Lusaka: जिम्बाब्वे के करीबा झील में हुआ नाव हादसा अब सिर्फ एक दर्दनाक दुर्घटना नहीं, बल्कि गंभीर लापरवाही की कहानी बनता जा रहा है। हादसे में  मरने वालों की संख्या  70 के पार पहुंच गई है । जांच और प्रत्यक्षदर्शियों की बातों से हादसे के पीछे ओवरलोडिंग और खराब मौसम की बड़ी भूमिका सामने आ रही है। हादसे में अब तक  6 दर्जन से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है  जिनमें 18 बच्चे हैं। हादसे के बाद सामने आई जानकारी के मुताबिक यात्रियों ने लहरें बढ़ने पर नाव वापस किनारे ले जाने की अपील भी की थी, लेकिन नाव आगे बढ़ती रही। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जिस नाव की क्षमता करीब 90 यात्रियों की थी, उसमें अनुमानित 153 लोग सवार थे।

 

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नाव के रवाना होने के कुछ समय बाद तेज लहरों के कारण उसमें पानी भरने लगा। यात्रियों ने कथित तौर पर चालक से वापस लौटने की अपील की, लेकिन नाव आगे बढ़ती रही और बाद में नाव पलट गई। कई लोग उलटी नाव के ढांचे को पकड़कर बचने में कामयाब हुए। पुलिस ने  बताया कि  तेज लहरों के कारण मंगलवार को नौका पलट गई थी तथा 26 और शव बरामद होने के बाद मृतकों की संख्या और  बढ़ने से इंकार नहीं किया जा सकता है। पुरानी हो चुकी यह नौका करीबा शहर से देश के उत्तर-पश्चिम में स्थित ग्रामीण इलाकों और मछुआरा समुदायों की बस्तियों की ओर जा रही थी। इन इलाकों में सड़कें क्षतिग्रस्त हैं और सार्वजनिक परिवहन के साधन बहुत कम हैं।

 

 प्राधिकारियों ने यह नहीं बताया कि नौका में कितने लोग सवार थे या कितने लोग अब भी लापता हैं। अनुमान है कि नौका में 153 यात्री सवार थे जबकि प्राधिकारियों के अनुसार इसकी क्षमता 90 यात्रियों की थी। जिम्बाब्वे की आपदा प्रबंधन एजेंसी ने बताया कि 77 लोगों को बचा लिया गया है। प्राधिकारियों ने शुरुआत में कहा था कि नौका में सवार बच्चों की संख्या की सटीक जानकारी नहीं है क्योंकि टिकट के लिए निर्धारित उम्र से कम आयु के बच्चों को यात्रियों की अनुमानित संख्या में शामिल नहीं किया गया था। बाद में पुलिस की ओर से जारी सूची से जानकारी मिली कि मृत बच्चों में से 16 की उम्र 10 वर्ष या उससे कम थी और इनमें सबसे छोटा बच्चा एक वर्ष का था।  

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!