Edited By Pardeep,Updated: 09 May, 2026 10:54 PM

इंग्लैंड में 2026 के स्थानीय चुनावों के नतीजों ने ब्रिटिश पॉलिटिक्स में बड़े बदलाव के संकेत दिए हैं। प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की लीडरशिप वाली लेबर पार्टी को कई पारंपरिक गढ़ों में भारी हार का सामना करना पड़ा, जबकि निगेल फराज की लीडरशिप वाली रिफॉर्म...
लंदन(सरबजीत सिंह बनूड़) : इंग्लैंड में 2026 के स्थानीय चुनावों के नतीजों ने ब्रिटिश पॉलिटिक्स में बड़े बदलाव के संकेत दिए हैं। प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की लीडरशिप वाली लेबर पार्टी को कई पारंपरिक गढ़ों में भारी हार का सामना करना पड़ा, जबकि निगेल फराज की लीडरशिप वाली रिफॉर्म UK पार्टी ने रिकॉर्ड तोड़ परफॉर्मेंस दी।

पार्टी बर्मिंघम सिटी काउंसिल पर कंट्रोल बनाए रखने में नाकाम रही, जो पिछले 14 सालों से लेबर के कंट्रोल में थी। लोकल मुद्दे, आर्थिक दबाव, इमिग्रेशन और लोगों की नाराजगी को इस नतीजे की मुख्य वजह माना जा रहा है। लेटेस्ट आंकड़ों के मुताबिक, रिफॉर्म UK ने एक हजार से ज्यादा काउंसिल सीटें जीती हैं और कई काउंसिल पर कब्जा किया है। लेबर पार्टी को सैकड़ों सीटें गंवानी पड़ी हैं, जबकि कंजर्वेटिव पार्टी को भी नुकसान हुआ है। ग्रीन पार्टी और लिबरल डेमोक्रेट्स ने भी कई जगहों पर अच्छी-खासी बढ़त हासिल की है।

रिफॉर्म UK ने लेबर के पुराने वोट बैंक को बड़ा झटका दिया है, खासकर उत्तरी इंग्लैंड और मिडलैंड्स में। रिफॉर्म ने न्यूकैसल-अंडर-लाइम जैसी काउंसिल में पूरी तरह से बहुमत हासिल किया है। धीर परिवार के तीन सदस्य लंदन में ईलिंग काउंसिल में लेबर पार्टी के काउंसलर बन गए हैं। इसी तरह, अलग-अलग वार्ड में जगजीत सिंह हरदो प्रहौला, राजू संसारपुरी, जसबीर कौर आनंद, परवीन कमलेश आनंद, चरण बाला शर्मा, कमलजीत, कमलप्रीत कौर, टोनी गिल, गुरशरण सिंह मंड, रंजीत धीर, हरभजन कौर धीर, कंवल कौर बैंस, करम चंद मोहन भी फिर से काउंसलर चुने गए हैं।
