Edited By Pardeep,Updated: 11 May, 2026 06:07 AM

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक तेल बाजार में हड़कंप मचा दिया है। शांति प्रस्ताव पर सहमति न बनने और सामरिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के बंद रहने के कारण कच्चे तेल की कीमतों में सोमवार को 3 डॉलर प्रति बैरल की...
इंटरनेशनल डेस्कः अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक तेल बाजार में हड़कंप मचा दिया है। शांति प्रस्ताव पर सहमति न बनने और सामरिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के बंद रहने के कारण कच्चे तेल की कीमतों में सोमवार को 3 डॉलर प्रति बैरल की भारी उछाल देखी गई। ब्रेंट क्रूड के दाम अब 104.47 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गए हैं।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान द्वारा भेजे गए शांति वार्ता के प्रस्ताव को “अस्वीकार्य” बताते हुए खारिज कर दिया है, जिससे 10 हफ्ते पुराने इस संघर्ष के जल्द खत्म होने की उम्मीदें धूमिल हो गई हैं। सऊदी अरामको के सीईओ के अनुसार, पिछले दो महीनों में दुनिया लगभग 1 अरब बैरल तेल खो चुकी है। अब अंतरराष्ट्रीय बाजार की नजरें राष्ट्रपति ट्रंप की चीन यात्रा पर टिकी हैं, जहां वे राष्ट्रपति शी जिनपिंग से ईरान पर अपना प्रभाव इस्तेमाल करने की अपील कर सकते हैं। हालात इतने तनावपूर्ण हैं कि तेल टैंकर ईरानी हमलों से बचने के लिए अपने ट्रैकर्स बंद करके सफर करने को मजबूर हैं।