Edited By Tanuja,Updated: 16 Feb, 2026 10:59 AM

ब्रिटेन के उपप्रधानमंत्री डेविड लैमी ने कहा कि भारत में होने वाला AI इम्पैक्ट समिट कृत्रिम बुद्धिमत्ता के पूर्ण लाभ हासिल करने का अहम अवसर है। ब्रिटेन इस मंच पर AI से विकास, रोजगार और सार्वजनिक सेवाओं में सुधार पर सहयोग बढ़ाने पर जोर देगा।
London: ब्रिटेन के उपप्रधानमंत्री डेविड लैमी ने कहा है कि भारत में सोमवार से शुरू हो रहा AI इम्पैक्ट समिट कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के पूर्ण लाभों को हासिल करने का एक अहम वैश्विक अवसर है। ब्रिटिश सरकार के अनुसार, इस शिखर सम्मेलन में ब्रिटेन का फोकस इस बात पर रहेगा कि एआई किस तरह आर्थिक विकास को गति दे सकती है, नए रोजगार पैदा कर सकती है, सार्वजनिक सेवाओं को अधिक प्रभावी बना सकती है और दुनिया भर के लोगों के जीवन को बेहतर बना सकती है।उपप्रधानमंत्री डेविड लैमी और ब्रिटेन के AI मंत्री कनिष्क नारायण के नेतृत्व में ब्रिटिश प्रतिनिधिमंडल यह रेखांकित करेगा कि AI एक “नवीनीकरण इंजन” के रूप में कैसे काम कर सकती है।
इसके जरिए डॉक्टरों को तेज और सटीक निदान, शिक्षकों को व्यक्तिगत शिक्षण, स्थानीय प्रशासन को त्वरित सेवाएं और उद्योगों को अगली पीढ़ी के बेहतर रोजगार सृजित करने में मदद मिल सकती है। शिखर सम्मेलन से पहले जारी बयान में लैमी ने कहा, “यह समिट एक निर्णायक क्षण है, जहां हम अपने अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ मिलकर एआई की पूरी क्षमता और इसके लाभों को सामने लाने की दिशा तय कर सकते हैं।”ब्रिटेन के विज्ञान, नवाचार और प्रौद्योगिकी विभाग ने भारत और ब्रिटेन को “स्वाभाविक प्रौद्योगिकी साझेदार” बताया है।
विभाग ने कहा कि इन्फोसिस, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज और विप्रो जैसी भारतीय आईटी दिग्गज कंपनियां ब्रिटेन में तेजी से अपना विस्तार कर रही हैं। वेल्स से भारतीय मूल के पहले सांसद कनिष्क नारायण ने कहा,“AI हमारी पीढ़ी की निर्णायक तकनीक है और हम यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि इसके लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचें।” उन्होंने यह भी कहा कि ब्रिटेन AI के लिए एक वैश्विक दृष्टिकोण को आगे बढ़ा रहा है, जिससे लोग अधिक सीख सकें, अधिक कमा सकें और अपने भविष्य को अपनी शर्तों पर आकार दे सकें। दिल्ली के अलावा, नारायण बेंगलुरु का भी दौरा करेंगे, जहां वह भारत-ब्रिटेन के बीच प्रौद्योगिकी सहयोग और नवाचार के नए अवसरों की समीक्षा करेंगे।