Edited By Tanuja,Updated: 15 Feb, 2026 02:36 PM

बांग्लादेश की नई राजनीतिक सत्ता ने भारत के साथ संबंधों को नए सिरे से स्थापित करने की इच्छा जताई है। बीएनपी नेता तारिक रहमान के सलाहकार हुमायूं कबीर ने कहा कि बदली राजनीतिक हकीकत को स्वीकार कर भारत को पारस्परिक लाभ के लिए आगे बढ़ना चाहिए।
International Desk: बांग्लादेश ने अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना और उनकी पार्टी अवामी लीग के सत्ता से हटने के बाद भारत के साथ संबंधों को नए सिरे से स्थापित करने की इच्छा जताई है। तारिक रहमान के सलाहकार हुमायूं कबीर ने कहा कि दोनों देशों को “पारस्परिक लाभ” के लिए मिलकर काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हालिया संसदीय चुनावों में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) को मिले प्रचंड जनादेश के बाद बदली हुई राजनीतिक वास्तविकता को स्वीकार करना अब भारत की जिम्मेदारी है।
कबीर ने कहा, “शेख हसीना और अवामी लीग आज के बांग्लादेश में मौजूद नहीं हैं। जनता ने स्पष्ट फैसला बीएनपी के पक्ष में दिया है। बदलाव भारत की सोच में आना चाहिए।” उन्होंने अगस्त 2024 के जनविद्रोह के बाद भारत चली गईं हसीना को “आतंकवादी” करार देते हुए उन पर 1,500 से अधिक लोगों की मौत का आरोप लगाया और भारत से आग्रह किया कि वह बांग्लादेश की स्थिरता के खिलाफ अपनी जमीन का इस्तेमाल न होने दे। उन्होंने कहा, “भारत ऐसा कोई कदम न उठाए जिससे बांग्लादेश की संप्रभुता कमजोर हो। एक बार यह मुद्दा सुलझ जाए, तो सामान्य राजनयिक सहयोग फिर से शुरू हो सकता है।”
गौरतलब है कि भारत ने 26 नवंबर 2025 को कहा था कि वह हसीना के प्रत्यर्पण को लेकर बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के अनुरोध पर विचार कर रहा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा था कि भारत शांति, लोकतंत्र और स्थिरता के लिए प्रतिबद्ध है। कबीर ने नरेन्द्र मोदी और तारिक रहमान के बीच हुई फोन बातचीत का भी उल्लेख किया, जिसमें मोदी ने रहमान को भारत आने का निमंत्रण दिया था। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल घरेलू प्राथमिकताएं पहले हैं।
दक्षिण एशिया में भारत, चीन और अमेरिका के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा पर कबीर ने कहा कि नई सरकार संतुलन की नीति अपनाएगी और राष्ट्रीय हितों को सर्वोपरि रखेगी। अल्पसंख्यकों, विशेषकर हिंदुओं पर हिंसा के आरोपों को उन्होंने खारिज करते हुए कहा कि हालात उतने खराब नहीं हैं, जैसा कभी-कभी दिखाया जाता है। बीएनपी ने यह भी घोषणा की है कि 17 फरवरी को होने वाले तारिक रहमान के शपथग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सहित क्षेत्रीय नेताओं को आमंत्रित किया गया है।