अमेरिका ने इस इराकी आतंकी पर रखा 94 करोड़ का इनाम, नाम सुनकर कांप उठते हैं लोग! जानें कौन है अबू आला अल-वालाई?

Edited By Updated: 25 Apr, 2026 02:38 AM

america has placed a bounty of rs 94 crore on this iraqi terrorist

अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने एक खूंखार आतंकी सरगना के खिलाफ बड़ा ऐलान करते हुए पूरी दुनिया में उसकी तलाश तेज कर दी है। अमेरिका ने ईरान समर्थित इराकी आतंकी संगठन 'कताइब सैय्यिद अल-शुहादा' (KSS) के नेता अबू आला अल-वालाई उर्फ हाशिम फिनयान रहीम अल-सराजी के...

वाशिंगटन: अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने एक खूंखार आतंकी सरगना के खिलाफ बड़ा ऐलान करते हुए पूरी दुनिया में उसकी तलाश तेज कर दी है। अमेरिका ने ईरान समर्थित इराकी आतंकी संगठन 'कताइब सैय्यिद अल-शुहादा' (KSS) के नेता अबू आला अल-वालाई उर्फ हाशिम फिनयान रहीम अल-सराजी के बारे में जानकारी देने वाले को 10 मिलियन अमेरिकी डॉलर यानी करीब 94 करोड़ रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।

इनाम के साथ सुरक्षा का भी वादा
अमेरिकी विदेश विभाग के 'रिवॉर्ड्स फॉर जस्टिस' कार्यक्रम के तहत यह जानकारी साझा की गई है। अधिकारियों के अनुसार, जो व्यक्ति अल-सराजी की पहचान या उसके ठिकाने के बारे में सटीक सूचना देगा, उसे न केवल करोड़ों का इनाम मिलेगा, बल्कि अमेरिका उसे सुरक्षित स्थान पर बसाने की सुविधा भी दे सकता है। सूचना देने के लिए 'टॉर टिपलाइन' या 'सिग्नल' जैसे सुरक्षित माध्यमों का उपयोग करने को कहा गया है।

क्यों है अमेरिका की रडार पर?
अल-सराजी का संगठन KSS इराक और सीरिया में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और जवानों पर होने वाले कई घातक हमलों में शामिल रहा है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि इसके सदस्य निर्दोष इराकी नागरिकों की हत्या और अमेरिकी दूतावासों पर हमले करने के दोषी हैं। इसकी खतरनाक गतिविधियों के कारण ही नवंबर 2023 में इसे वैश्विक आतंकवादी घोषित किया गया था और सितंबर 2025 में इसके संगठन KSS को विदेशी आतंकी संगठनों की सूची में डाल दिया गया।

ईरान से गहरा नाता और सुलेमानी से मुलाकात
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अल-सराजी का यह संगठन सीधे तौर पर ईरान की 'इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स' (IRGC) से वैचारिक और सैन्य रूप से जुड़ा हुआ है। अल-सराजी के कमांडरों की मुलाकात IRGC की कुद्स फोर्स के पूर्व प्रमुख कासिम सुलेमानी से भी हो चुकी है। इतना ही नहीं, इसने यमन के हूती आंदोलन को भी अपना समर्थन दिया है।

खाड़ी देशों के लिए बना सिरदर्द
हाल के दिनों में अल-सराजी के संगठन ने कुवैत जैसे खाड़ी देशों को भी निशाना बनाना शुरू कर दिया है। वॉशिंगटन इंस्टीट्यूट की एक रिपोर्ट बताती है कि KSS दक्षिणी इराक के बसरा और अल-मुथन्ना प्रांतों से ड्रोन और रॉकेट के जरिए हमले कर रहा है। यह संगठन अन्य आतंकी गुटों के साथ मिलकर इराक के कुर्दिस्तान क्षेत्र में भी अशांति फैला रहा है।

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