ईद मनाने निकले लेकिन...:सहारा रेगिस्तान में फंस गया ट्रक, 49 लोगों की तड़प-तड़प कर मौत

Edited By Updated: 06 Jun, 2026 12:13 PM

at least 49 people die of thirst after truck breakdown in niger desert

नाइजर के सहारा रेगिस्तान में एक ट्रक खराब हो जाने के बाद कम से कम 49 लोगों की प्यास से मौत हो गई। सभी लोग ईद-उल-अजहा मनाने अपने घर लौट रहे थे। भीषण गर्मी और पानी की कमी के बीच केवल दो लोग बच पाए, जिन्होंने 50 किलोमीटर पैदल चलकर मदद पहुंचाई।

International Desk: पश्चिम अफ्रीकी देश Niger में एक भयावह मानवीय त्रासदी सामने आई है। सहारा रेगिस्तान के निर्जन इलाके में ट्रक खराब हो जाने के बाद कम से कम 49 लोगों की प्यास से मौत हो गई। मृतक ईद-उल-अजहा मनाने के लिए अपने परिवारों के पास लौट रहे थे। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, यह घटना Tenere Desert क्षेत्र में हुई, जो Assamaka से लगभग 80 किलोमीटर पश्चिम में स्थित है। यात्रियों का ट्रक Talhandek से नाइजर की ओर आ रहा था। यह इलाका सहारा रेगिस्तान के सबसे कठिन और निर्जन क्षेत्रों में गिना जाता है।अधिकारियों के मुताबिक ट्रक बीच रास्ते में खराब हो गया। चालक, उसके सहायकों और यात्रियों ने वाहन ठीक करने की कोशिश की।कई दिनों तक प्रयास जारी रहे, लेकिन ट्रक चालू नहीं हो सका।

 

🚨 At least 49 people died of thirst after a truck carrying passengers returning from Mali broke down in the Sahara Desert. pic.twitter.com/CBOl7KFOps

— Global News & Geopolitics 🌍 (@GlobalNewsGeo) June 6, 2026

इलाके में पानी या भोजन का कोई स्रोत नहीं था। तापमान बेहद अधिक था और आसपास सहायता पहुंचने का कोई साधन नहीं था।  धीरे-धीरे यात्रियों का पानी खत्म हो गया और वे प्यास तथा गर्मी की चपेट में आ गए। इस दर्दनाक घटना में केवल दो लोग जीवित बच पाए। दोनों ने लगभग 50 किलोमीटर से अधिक दूरी पैदल तय कर एक जल स्रोत तक पहुंचने में सफलता हासिल की। इसके बाद वे Assamaka पहुंचे और अधिकारियों को हादसे की सूचना दी। जब बचाव दल मौके पर पहुंचा तो वहां का दृश्य बेहद भयावह था।अधिकारियों ने बताया कि ट्रक के नीचे और आसपास दर्जनों शव पड़े मिले। कई लोग वाहन की छाया में बचने की कोशिश करते हुए दम तोड़ चुके थे। बचाव दल ने मृतकों को सामूहिक कब्रों में दफनाया।  यह क्षेत्र अफ्रीका से यूरोप की ओर जाने वाले प्रवासियों और शरणार्थियों का प्रमुख मार्ग माना जाता है। मानवीय संगठनों के अनुसार हर वर्ष:

  • सैंकड़ों लोग रेगिस्तान में भटक जाते हैं।
  • कई लोग प्यास, भूख और भीषण गर्मी के कारण जान गंवा देते हैं।
  • दूर-दराज के इलाकों में सहायता पहुंचाना बेहद मुश्किल होता है।
  • मानवता को झकझोरने वाली त्रासदी

 
 

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