Edited By Pardeep,Updated: 20 Sep, 2026 12:34 AM

यमन में सरकारी सुरक्षा बलों और हूती विद्रोही समूह के बीच पिछले 24 घंटों में हुई भीषण झड़पों में कम से कम 44 लोगों की मौत हो गई है। सैन्य सूत्रों के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच दक्षिण-पश्चिम ताइज़ (Taiz) और लहज (Lahj) प्रांतों के प्रमुख मोर्चों पर...
साना: यमन में सरकारी सुरक्षा बलों और हूती विद्रोही समूह के बीच पिछले 24 घंटों में हुई भीषण झड़पों में कम से कम 44 लोगों की मौत हो गई है। सैन्य सूत्रों के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच दक्षिण-पश्चिम ताइज़ (Taiz) और लहज (Lahj) प्रांतों के प्रमुख मोर्चों पर भारी संघर्ष और गोलाबारी जारी है।
ताइज़ के मोर्चे पर हमले नाकाम
ताइज़ प्रांत के अल-कधा और अल-वाज़िया क्षेत्रों में यमनी सरकारी बलों ने हूती विद्रोहियों द्वारा किए गए कई हमलों को सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया। इस दौरान हुई हिंसक झड़पों में 6 सरकारी सैनिक और 11 हूती लड़ाके मारे गए। दूसरी ओर, हूती सैन्य सूत्र ने जानकारी दी है कि कहबूब (Kahbub) क्षेत्र में बीते 24 घंटों की लड़ाई में एक कमांडर सहित 15 हूती लड़ाके मारे गए हैं।
लाल सागर तट पर बढ़ता तनाव
हालिया हिंसा से पहले चालू माह की शुरुआत में हूती समूह ने यमन के दक्षिण-पश्चिमी लाल सागर तट पर महत्वपूर्ण बढ़त हासिल की थी। विद्रोहियों ने 10 सितंबर को रणनीतिक बंदरगाह शहर मोचा (Mocha) पर कब्जा कर लिया था और 11 सितंबर को बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य के केंद्र में स्थित मय्यून (पेरिम) द्वीप को अपने नियंत्रण में ले लिया था।
2014 से जारी है संघर्ष
यमन में यह गृहयुद्ध late 2014 में तब शुरू हुआ था जब हूती विद्रोहियों ने राजधानी साना और उत्तरी यमन के अधिकांश हिस्सों पर कब्जा कर लिया था। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के समर्थन में मार्च 2015 से सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने सैन्य हस्तक्षेप शुरू किया था।