Edited By Tanuja,Updated: 02 Apr, 2026 04:24 PM

ऑस्ट्रेलियाई पीएम Anthony Albanese ने ईरान युद्ध पर सवाल उठाते हुए कहा कि अब आगे का लक्ष्य स्पष्ट नहीं है, जबकि Donald Trump ने ईरान की सैन्य ताकत कमजोर होने का दावा किया। बढ़ते युद्ध से वैश्विक अर्थव्यवस्था और ईंधन कीमतों पर असर बढ़ रहा है।
International Desk: ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज़ (Anthony Albanese) ने ईरान से जुड़े मौजूदा युद्ध को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अब यह साफ नहीं है कि इस संघर्ष में आगे क्या हासिल करना बाकी है, जबकि डोनाल्ड ट्रम्प (Donald Trump) दावा कर चुके हैं कि ईरान की सैन्य क्षमता काफी हद तक कमजोर हो चुकी है।
“परीक्षा का समय”
अल्बनीज़ ने इस युद्ध को ऑस्ट्रेलिया के लिए “परीक्षा का समय” बताया। उन्होंने कहा कि मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष का सीधा असर देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है, खासकर ईंधन की कीमतों में ऐतिहासिक बढ़ोतरी हुई है। इस संकट की बड़ी वजह Strait of Hormuz में रुकावट है, जो दुनिया के सबसे अहम तेल सप्लाई मार्गों में से एक है। यहां तनाव बढ़ने से तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित हो रही है।
ट्रंप के दावे पर सवाल
डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया कि ईरान की नौसेना, वायुसेना और मिसाइल क्षमता को काफी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका इस संघर्ष में “बड़ी जीत” की ओर बढ़ रहा है। लेकिन अल्बनीज़ ने कहा कि अगर ये लक्ष्य पूरे हो चुके हैं, तो अब आगे की रणनीति और अंतिम लक्ष्य स्पष्ट होना चाहिए। अल्बनीज़ ने चेतावनी दी कि युद्ध जितना लंबा चलेगा, उसका असर सिर्फ ईंधन कीमतों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि हर उस चीज पर पड़ेगा जो ईंधन पर निर्भर है यानी पूरी वैश्विक सप्लाई चेन प्रभावित होगी।
जनता को राहत देने के कदम
ऑस्ट्रेलिया सरकार ने बढ़ती महंगाई को देखते हुए बड़ा फैसला लिया।पेट्रोल-डीजल पर टैक्स घटाया। कुल मिलाकर 32 सेंट प्रति लीटर की राहत दी। 3 महीने के लिए फ्यूल एक्साइज आधा किया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर कूटनीतिक समाधान नहीं निकला तो यह युद्ध लंबा खिंच सकता है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गहरा असर पड़ेगा और ऊर्जा संकट और गंभीर हो सकता है।