Edited By Tanuja,Updated: 31 Aug, 2026 12:19 PM

नेपाल की विनाशकारी बाढ़ के बीच चीन ने राहत के लिए 22 लाख अमेरिकी डॉलर की आर्थिक सहायता दी है। चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग और प्रधानमंत्री ली क्विंग ने संवेदना जताई। नेपाल में मृतकों की संख्या 903 और लापता लोगों की संख्या करीब 4,250 पहुंच गई है। चीन...
Bejing: चीन ने नेपाल में अचानक आई विनाशकारी बाढ़ के पीड़ितों के लिए 22 लाख अमेरिकी डॉलर की वित्तीय सहायता दी है और राष्ट्रपति शी चिनफिंग तथा प्रधानमंत्री ली क्विंग ने इस आपदा में जान-माल के नुकसान पर शोक व्यक्त किया है। नेपाल सरकार ने सोमवार को यह जानकारी दी। नेपाल में चीन के राजदूत झांग माओमिंग ने रविवार को वित्त मंत्री स्वर्णिम वाग्ले को चीनी सरकार की ओर से 35 करोड़ नेपाली रुपए (20 लाख अमेरिकी डॉलर) की सहायता का चेक सौंपा। वित्त मंत्रालय ने यह जानकारी दी।
चीनी राजदूत ने नेपाल सरकार को चीनी रेड क्रॉस की ओर से दो लाख अमेरिकी डॉलर की सहायता भी सौंपी। मंत्रालय के अनुसार, झांग ने शी और ली की ओर से वाग्ले से कहा, ''इस आपदा में नेपाल अकेला नहीं है; चीन हमेशा नेपाल के साथ है।'' चीनी नेताओं ने आपदा में हुई जनहानि पर गहरा दुख व्यक्त किया और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की। नेपाल में अचानक आई बाढ़ से मरने वालों की संख्या सोमवार को बढ़कर 903 हो गई, जबकि शवों की बरामदगी जारी है। इस आपदा के बाद करीब 4,250 लोग अब भी लापता हैं।
माना जा रहा है कि 26 अगस्त को नेपाल-तिब्बत सीमा के पास बर्फ और चट्टानों के ढहने या हिमस्खलन के कारण अचानक बाढ़ आई। इससे उत्तरी और मध्य नेपाल के शहरों तथा गांवों में भारी तबाही हुई। हिमालयी सीमा क्षेत्र से दक्षिण की ओर बहने वाली भोटेकोशी नदी में बाढ़ का पानी आने से घर, वाहन, सड़कें और पुल बह गए तथा पनबिजली परियोजनाओं को भी नुकसान पहुंचा। चीनी मीडिया की खबरों के अनुसार, इस आपदा में चीन की ओर भी 16 लोगों की मौत हुई है, जबकि तिब्बत में करीब 550 लोग अब भी लापता हैं।