Edited By Tanuja,Updated: 31 Aug, 2026 02:39 PM

अमेरिका-ईरान संघर्ष के फिर भड़कने के बीच UAE ने अपने क्षेत्रीय जलक्षेत्र में ईरान की दिशा से आ रहे एक ड्रोन को इंटरसेप्ट कर निष्क्रिय करने का दावा किया है। ईरान ने तत्काल जिम्मेदारी नहीं ली। इससे पहले अमेरिका ने लारक द्वीप पर हमला किया था और ईरान ने...
Dubai:अमेरिका और ईरान के बीच एक महीने की शांति के बाद फिर शुरू हुई सैन्य झड़पों का असर अब खाड़ी क्षेत्र में भी दिखाई देने लगा है। संयुक्त अरब अमीरात ने सोमवार को दावा किया कि उसकी वायुसेना ने अपने क्षेत्रीय जलक्षेत्र के ऊपर ईरान से आ रहे एक ड्रोन को इंटरसेप्ट कर निष्क्रिय कर दिया। UAE के रक्षा मंत्रालय ने घटना की पुष्टि की है। UAE के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, एक ड्रोन का पता लगाया गया जो ईरान की दिशा से UAE के क्षेत्रीय जलक्षेत्र की ओर आ रहा था। UAE की वायुसेना ने कार्रवाई करते हुए उसे निष्क्रिय कर दिया। मंत्रालय ने कहा कि UAE की सशस्त्र सेनाएं हाई अलर्ट पर हैं और उसकी वायु रक्षा प्रणालियां लगातार हवाई क्षेत्र की निगरानी कर रही हैं। मंत्रालय ने लोगों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों से जानकारी लें और अफवाहों से बचें।
इस घटना को लेकर ईरान की ओर से तत्काल कोई जिम्मेदारी नहीं ली गई है। साथ ही UAE ने किसी नुकसान या हताहत की जानकारी नहीं दी है। इसलिए यह अभी स्पष्ट नहीं है कि ड्रोन का उद्देश्य क्या था और वह वास्तव में किस मिशन पर था। यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चल रहे संघर्ष में फिर से सैन्य टकराव तेज हुआ है। रविवार को अमेरिकी बलों ने ईरान के लारक द्वीप पर दो रॉकेट लॉन्चरों को निशाना बनाया। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, ये लॉन्चर हॉर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री सुरंगें बिछाने की तैयारी से जुड़े खतरे को रोकने के लिए निशाना बनाए गए थे। यह करीब एक महीने में ईरान पर अमेरिका की पहली सैन्य कार्रवाई थी।
अमेरिकी हमले के जवाब में ईरान ने जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। रिपोर्टों के अनुसार, मिसाइलों को रास्ते में ही रोक दिया गया और किसी बड़े नुकसान की तत्काल सूचना नहीं मिली। ईरान की जवाबी कार्रवाई के बाद खाड़ी क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। UAE में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी है और इसी वजह से ईरान-अमेरिका संघर्ष में UAE की स्थिति बेहद संवेदनशील है। हालांकि, UAE ने उन रिपोर्टों को खारिज किया है जिनमें दावा किया गया था कि ईरान ने अल मिनहाद एयर बेस को निशाना बनाया था। ऐसे माहौल में UAE के जलक्षेत्र में ईरान से आया ड्रोन मिलना क्षेत्रीय सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण घटना है।
पूरे घटनाक्रम का सबसे संवेदनशील केंद्र हॉर्मुज जलडमरूमध्य है। अमेरिका ने लारक द्वीप पर हमला भी इसी रणनीतिक जलमार्ग में संभावित समुद्री सुरंगों के खतरे को रोकने के लिए किया था। हॉर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल-व्यापार मार्गों में से एक है। वहां तनाव बढ़ने से न केवल खाड़ी देशों की सुरक्षा बल्कि वैश्विक तेल आपूर्ति और कीमतों पर भी असर पड़ सकता है। हालिया अमेरिकी हमले के बाद तेल कीमतों में तेजी भी दर्ज की गई। फिलहाल UAE में ड्रोन घटना को लेकर ईरान की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन अमेरिका-ईरान के बीच नए हमले, जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर ईरानी मिसाइल हमले और हॉर्मुज क्षेत्र में बढ़ता सैन्य तनाव यह संकेत जरूर दे रहा है कि क्षेत्र में हालात बेहद नाजुक हैं।