इस देश में त्राहि-त्राहि! ₹321 लीटर पेट्रोल, अंधेरे में डूबे शहर, स्‍कूल बंद, अस्पतालों में सन्नाटा! और गहराएगा संकट

Edited By Updated: 13 Mar, 2026 11:58 AM

economic doom in impoverished pakistan petrol prices surpass 321

मिडिल ईस्ट में ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव ने पाकिस्तान में हाहाकार मचा दिया है। कच्चे तेल की सप्लाई रुकने और वैश्विक कीमतों में उछाल के कारण पाकिस्तान की शहबाज सरकार ने घुटने टेक दिए हैं। आलम यह है कि देश को चलाने के लिए अब मंत्रियों के...

Pakistan Economic Crisis : मिडिल ईस्ट में ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव ने पाकिस्तान में हाहाकार मचा दिया है। कच्चे तेल की सप्लाई रुकने और वैश्विक कीमतों में उछाल के कारण पाकिस्तान की शहबाज सरकार ने घुटने टेक दिए हैं। आलम यह है कि देश को चलाने के लिए अब मंत्रियों के वेतन काटे जा रहे हैं और जनता को घरों में कैद रहने की सलाह दी जा रही है।

ईंधन की कीमतों में आग: ₹321 का पेट्रोल

6 मार्च को पाकिस्तान सरकार ने पेट्रोल की कीमतों में एकमुश्त 55 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी। इस ऐतिहासिक उछाल के बाद अब वहां कीमतें कुछ इस प्रकार हैं:

कीमतें बढ़ते ही कराची और लाहौर जैसे शहरों के पेट्रोल पंपों पर मीलों लंबी कतारें लग गईं और कई जगह तेल के लिए झड़पें भी देखी गईं।

जंग का डबल अटैक: क्यों डूब रहा है पाकिस्तान?

पाकिस्तान अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए पूरी तरह आयातित तेल और गैस पर निर्भर है। हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के रास्ते सप्लाई बंद होने से पाकिस्तान को अपने सीमित इमरजेंसी रिजर्व का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। विशेषज्ञों के मुताबिक सप्लाई बाधित होने से पाकिस्तान का मासिक तेल आयात बिल 60 करोड़ डॉलर तक बढ़ सकता है जिसे चुकाने के लिए उसके पास विदेशी मुद्रा भंडार नहीं है।

यह भी पढ़ें: Petrol Price 13 March: देश भर की तेल कंपनियों ने पेट्रोल-डीजल के नए रेट किए जारी, जानिए तेल महंगा हुआ या सस्ता?

संकट से निपटने के लिए सर्जिकल स्ट्राइक जैसे कड़े कदम

बर्बादी को रोकने के लिए सरकार ने कई कड़े और अजीबोगरीब फैसले लिए हैं:

  1. वर्क फ्रॉम होम: ईंधन बचाने के लिए 50% सरकारी कर्मचारियों को घर से काम करने का आदेश दिया गया है।

  2. वेतन में कटौती: मंत्रियों और कैबिनेट सदस्यों ने 2 महीने तक सैलरी और भत्ते न लेने का फैसला किया है। विधायकों के वेतन में भी 25% की कटौती की गई है।

  3. महंगा हुआ सफर: हवाई यात्रा के टिकटों में 5,000 पाकिस्तानी रुपये तक की भारी बढ़ोतरी हुई है।

  4. शिक्षा पर असर: बिजली और ईंधन की कमी के कारण कई इलाकों में स्कूलों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है।

क्या है आगे का रास्ता?

पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक का कहना है कि देश के पास फिलहाल 28 दिनों का तेल भंडार बचा है। हालांकि अगर मिडिल ईस्ट में युद्ध लंबा खिंचता है तो पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था ताश के पत्तों की तरह ढह सकती है।

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