Edited By Rohini Oberoi,Updated: 13 Mar, 2026 10:47 AM

आज 13 मार्च 2026 की सुबह जब देश भर की तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के नए रेट जारी किए तो आम जनता ने राहत की सांस ली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में 8% से ज्यादा का उछाल आने और रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर होने के बावजूद भारतीय तेल...
Global Oil War : आज 13 मार्च 2026 की सुबह जब देश भर की तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के नए रेट जारी किए तो आम जनता ने राहत की सांस ली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में 8% से ज्यादा का उछाल आने और रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर होने के बावजूद, भारतीय तेल कंपनियों ने फिलहाल कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है।
प्रमुख महानगरों में आज के रेट (प्रति लीटर)
| शहर |
पेट्रोल (₹) |
डीजल (₹) |
| नई दिल्ली |
94.72 |
87.62 |
| मुंबई |
104.21 |
92.15 |
| कोलकाता |
103.94 |
90.76 |
| चेन्नई |
100.75 |
92.34 |
| बेंगलुरु |
102.92 |
89.02 |
| हैदराबाद |
107.46 |
95.70 |
| लखनऊ |
94.69 |
87.80 |
| पटना |
105.58 |
93.80 |
$100 के पार क्रूड, फिर भी कीमतें स्थिर क्यों?
मिडिल ईस्ट में हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में बढ़ता तनाव और इराक के तेल टैंकरों पर हमलों ने वैश्विक बाजार में आग लगा दी है। इसके बावजूद भारत में कीमतें स्थिर रहने के पीछे तीन मुख्य कारण हैं:
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कंपनियों का मुनाफा: सरकारी तेल कंपनियों ने पिछले कुछ महीनों में अच्छा मुनाफा कमाया है, जो अब 'बफर' (Buffer) का काम कर रहा है।
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रणनीतिक भंडार (Strategic Reserves): भारत सरकार ने संकट की स्थिति के लिए तेल का रिजर्व स्टॉक तैयार रखा है और सप्लाई के लिए अब नए देशों (गैर-हॉर्मुज रूट) पर फोकस किया है।
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महंगाई पर लगाम: सरकार नहीं चाहती कि संकट के इस समय में ईंधन के दाम बढ़कर आम आदमी का बजट बिगाड़ें।
क्या आगे बढ़ सकते हैं दाम?
विशेषज्ञों की मानें तो यह राहत कुछ ही समय के लिए हो सकती है। अगर कच्चा तेल $110-$120 के स्तर को छूता है तो कंपनियों के लिए कीमतें स्थिर रखना असंभव हो जाएगा। फिलहाल अमेरिका द्वारा रूसी तेल की खरीद के लिए दिए गए 30 दिनों के लाइसेंस ने बाजार को थोड़ी राहत दी है लेकिन भविष्य अभी भी अनिश्चित है।