Edited By Pardeep,Updated: 01 Oct, 2026 10:43 PM

दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में कॉकपिट के भीतर एक दुस्साहसिक और खौफनाक घटना के दौरान 174 यात्रियों (जिनमें 27 बच्चे शामिल थे) और 6 क्रू मेंबर्स की जान बाल-बाल बच गई।
दुबई/तेल अवीव : दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में कॉकपिट के भीतर एक दुस्साहसिक और खौफनाक घटना के दौरान 174 यात्रियों (जिनमें 27 बच्चे शामिल थे) और 6 क्रू मेंबर्स की जान बाल-बाल बच गई। ओमान मूल के सह-पायलट ने कॉकपिट में मौजूद क्रैश कुल्हाड़ी (Crash Axe) से भारतीय मुख्य पायलट कैप्टन स्मित माछर पर हमला कर विमान को क्रैश करने की कोशिश की। हालांकि, गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद भारतीय पायलट के अदम्य साहस और विमान में सवार चार साहसी यात्रियों की जांबाजी से इस संभावित बड़ी त्रासदी को टाल दिया गया। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू दोनों ने कैप्टन स्मित माछर के साहस की सराहना की है।
गंभीर जख्मों के बावजूद भारतीय पायलट ने दिखाया अदम्य साहस
हमले के दौरान सह-पायलट ने कुल्हाड़ी से हमला कर कैप्टन स्मित माछर का सिर और हाथ बुरी तरह काट दिए थे। इसके बावजूद बेहद सूझबूझ और अदम्य इच्छाशक्ति का परिचय देते हुए कैप्टन माछर ने बेहोश होने से ठीक पहले कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया, ताकि बाहर मौजूद क्रू और यात्री अंदर आ सकें। आपातकालीन संकेत जारी किए जाने के बाद विमान को सऊदी अरब के तबुक की ओर मोड़ा गया, जहां उसे सुरक्षित लैंड कराया गया। फिलहाल कैप्टन माछर सऊदी अरब के तबुक स्थित अस्पताल में उपचाराधीन हैं।
कॉकपिट में भिड़ गए '5 हीरो': प्लंबर, बैंकर, बिजनेसमैन और डेंटिस्ट ने ऐसे काबू किया हमलावर
इजराइली अधिकारियों और गवाहों के अनुसार, विमान को जमीन में क्रैश होने से बचाने और हमलावर को काबू करने में पांच प्रमुख लोगों ने अपनी जान की परवाह किए बिना अद्भुत वीरता दिखाई:
- कैप्टन स्मित माछर (भारतीय पायलट): सिर और हाथों में गहरे जख्मों के बावजूद अपनी सूझबूझ से कॉकपिट का दरवाजा खोला और क्रू को सतर्क किया।
- यानिव हयून (पेशे से प्लंबर): इजराइली नागरिक यानिव हयून सबसे पहले कॉकपिट में घुसे और हमलावर सह-पायलट को कंट्रोल सीट से पीछे खींचा। टीवी शो 'मेडे' (Mayday) से मिले ज्ञान का इस्तेमाल करते हुए हयून ने विमान के कंट्रोल (Yoke) को पीछे खींचकर तेजी से नीचे गिर रहे विमान को संतुलित किया।
- असाफ राजुआन (बीमा कंपनी के मालिक / बिजनेसमैन): थाईलैंड से छुट्टी मनाकर लौट रहे असाफ राजुआन ने खून से सने कॉकपिट में घुसकर हमलावर को काबू करने में मदद की और करीब 50 मिनट तक उसे रोके रखा।
- ज्विका मानेस (बैंकर / बैंक लेउमी के अधिकारी): बैंक लेउमी की अंडरराइटिंग कंपनी के सीईओ ज्विका मानेस ने यात्रियों के हेडफोन के केबल (तारों) का इस्तेमाल कर हमलावर सह-पायलट को कसकर बांध दिया।
- डॉ. शोता मुसायेव (डेंटिस्ट): विमान में मौजूद इकलौते डॉक्टर शोता मुसायेव ने फर्श पर खून से लथपथ पड़े घायल कैप्टन स्मित माछर का तुरंत इलाज शुरू किया और अत्यधिक रक्तस्राव को रोककर उनकी जान बचाई।
सऊदी अरब में हुई सेफ लैंडिंग
हमलावर को काबू में करने के बाद विमान में सवार दो ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने कमान संभाली और सऊदी अरब के एक छोटे हवाई अड्डे पर विमान की सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग कराई। इजराइल पहुंचने पर प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने खुद वीर यात्री यानिव हयून से मुलाकात की और उनकी बहादुरी की तारीफ की।