Edited By Tanuja,Updated: 14 Oct, 2026 05:02 PM

सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने रियाद की ओर दागी गई हूती विद्रोहियों की बैलिस्टिक मिसाइल रोकने का दावा किया है। पहले रोकी गई मिसाइलों का मलबा गिरने से चार लोग घायल और 15 मकान क्षतिग्रस्त हुए थे। हवाई अड्डों और तेल प्रतिष्ठानों पर हमलों से...
Riyadh: ईरान समर्थित हूती विद्रोही हालिया ईरान युद्ध के बीच सऊदी अरब के हवाई अड्डों, सैन्य ठिकानों और तेल प्रतिष्ठानों को निशाना बना रहे हैं। इन हमलों से खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है। मंगलवार देर रात सऊदी अरब के पूर्वी शहर धहरान में दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी सऊदी अरामको के प्रशासनिक परिसर को बैलिस्टिक मिसाइल से निशाना बनाए जाने की खबर है। सऊदी सरकारी समाचार एजेंसी एसपीए ने बुधवार को ऊर्जा मंत्रालय के एक अधिकारी के हवाले से बताया कि हमले के बाद परिसर की इमारत में आग लग गई। हालांकि, किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली। तेल कंपनी के परिसर को निशाना बनाए जाने की घटना ने सऊदी अरब के ऊर्जा प्रतिष्ठानों की सुरक्षा और क्षेत्रीय तेल आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। बुधवार को फिर सऊदी अरब की राजधानी रियाद में बु धमाकों की आवाजें सुनाई दीं।रियाद में मिसाइल रोकने की घटना और धहरान में अरामको परिसर पर हमले की खबरों के बीच सऊदी अरब के सामने सुरक्षा की चुनौती बढ़ती नजर आ रही है। यदि तेल प्रतिष्ठानों पर हमले जारी रहते हैं, तो इसका असर वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर भी पड़ सकता है।
सऊदी अरब के नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने बताया कि उसने यमन के हूती विद्रोहियों की ओर से राजधानी की तरफ दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल को रोक दिया। घटना के तुरंत बाद किसी के हताहत होने या नई क्षति की सूचना नहीं मिली। हूती विद्रोहियों ने तत्काल इस पर कोई टिप्पणी नहीं की। सऊदी अरब के नागरिक सुरक्षा विभाग के अनुसार, पहले रोकी गई दो बैलिस्टिक मिसाइलों का मलबा रियाद के रिहायशी इलाकों में गिरा था। इससे एक बच्चे सहित चार लोग घायल हुए और 15 मकानों को नुकसान पहुंचा। रियाद के निवासियों ने सुरक्षा कारणों से नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर ताजा धमाकों की जानकारी दी। नागरिक सुरक्षा विभाग ने राजधानी और उसके दक्षिण-पूर्व में स्थित खरज क्षेत्र में हवाई हमले के अलर्ट जारी होने की भी सूचना दी। पिछले एक सप्ताह में रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कई हमले होने की खबरें सामने आई हैं। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, इन घटनाओं में 17 लोगों की मौत हुई और 300 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
हूती विद्रोही पहले ही सऊदी अरब के हवाई अड्डों और तेल प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने की चेतावनी दे चुके हैं। मंगलवार को सऊदी अरामको के एक प्रतिष्ठान की प्रशासनिक इमारत में आग लग गई थी। सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने यमन की राजधानी सना में एक तेल प्रतिष्ठान पर भी हमला किया। सऊदी अरब के संवेदनशील प्रतिष्ठानों के आसपास हमलों और आग लगने की घटनाओं ने ऊर्जा आपूर्ति तथा क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। क्षेत्रीय अधिकारियों के अनुसार, अमेरिकी हथियारों का दुनिया में सबसे बड़ा खरीदार सऊदी अरब मिसाइलों को रोकने वाले हथियारों की कमी का सामना कर रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि इतने बड़े भौगोलिक क्षेत्र में एक साथ होने वाले सभी मिसाइल और ड्रोन हमलों को रोकना बेहद मुश्किल है।
लगातार हमलों के बीच सऊदी अरब की वायु रक्षा प्रणाली पर दबाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। हूती विद्रोहियों के नियंत्रण वाले क्षेत्र के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को बताया कि मंगलवार को यमन के होदेदा प्रांत में स्थित रास ईसा बंदरगाह क्षेत्र पर हवाई हमले में दो लोगों की मौत हुई और दो अन्य घायल हो गए। मंत्रालय ने इन हमलों के लिए सऊदी अरब को जिम्मेदार ठहराया। सऊदी अरब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमन सरकार का समर्थन करते हुए हूती विद्रोहियों के नियंत्रण वाले क्षेत्रों में हवाई हमले कर रहा है। इस तरह दोनों पक्षों के बीच हमले और जवाबी हमले जारी हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह इस बात पर विचार कर रहे हैं कि अमेरिका को हूती विद्रोहियों के खिलाफ सऊदी अरब के हमलों में शामिल होना चाहिए या नहीं।