3 नवंबर के मिडटर्म चुनाव तक ईरान पर हमला नहीं करेगा अमेरिका, ट्रंप का बड़ा ऐलान

Edited By Updated: 09 Oct, 2026 06:09 AM

us will not attack iran until after the november 3 midterm elections says trump

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया है कि संयुक्त राज्य अमेरिका में 3 नवंबर को होने वाले मध्यावधि (मिडटर्म) चुनावों से पहले अमेरिका ईरान पर दोबारा सैन्य हमले शुरू करने के आदेश नहीं देगा। गुरुवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए ट्रंप ने...

वाशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया है कि संयुक्त राज्य अमेरिका में 3 नवंबर को होने वाले मध्यावधि (मिडटर्म) चुनावों से पहले अमेरिका ईरान पर दोबारा सैन्य हमले शुरू करने के आदेश नहीं देगा। गुरुवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए ट्रंप ने स्पष्ट किया कि 3 नवंबर के चुनावों से पहले अमेरिका किसी भी समय ईरान पर हमला नहीं करेगा। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि उनकी टीम ईरान के साथ 'फलदायी चर्चाएं' (productive discussions) कर रही है।

60 दिनों का युद्धविराम समझौता हुआ था ध्वस्त
अमेरिका और ईरान ने जून में 60 दिनों के युद्धविराम और स्थायी शांति समझौते के ढांचे के लिए एक अल्पकालिक अंतरिम समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। हालांकि, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के नियंत्रण को लेकर हुए विवादों और नए सैन्य अभियानों के कारण राष्ट्रपति ट्रंप और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान द्वारा हस्ताक्षरित यह समझौता कुछ ही हफ्तों में ध्वस्त हो गया था।

ईरान को अमेरिकी प्रस्ताव, वार्ता जारी
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के अनुसार, उन्हें अमेरिका का एक जवाबी प्रस्ताव प्राप्त हुआ है और तेहरान कुछ ही दिनों में इस पर अपना औपचारिक जवाब देगा। वहीं, सैन एंटोनियो, टेक्सास में एक चुनावी रैली के दौरान ट्रंप ने बताया कि उनके विशेष दूत स्टीव विटकॉफ ईरानी अधिकारियों के साथ अप्रत्यक्ष बातचीत जारी रखे हुए हैं। हालांकि, ट्रंप ने यह भी स्वीकार किया कि "मुझे लगता है कि यह डील ऐसी नहीं है जिसे मैं वास्तव में करना चाहता हूं, लेकिन वे जंग रोकने के लिए हमें कुछ भी देने को तैयार हैं"।

होर्मुज जलडमरूमध्य और तेल निर्यात पर अमेरिकी पकड़
अमेरिकी सेंट्रल कमांड की नौसेना रात के समय लोकेशन सिस्टम बंद करके तेल टैंकरों को होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित निकाल रही है। वहीं, अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी ने ईरान के अपने तेल निर्यात को ठप कर दिया है। खाड़ी देशों की पाइपलाइनों और अमेरिकी सुरक्षा की मदद से तेल निर्यात युद्ध-पूर्व स्तर के करीब पहुंच रहा है, हालांकि जोखिम के कारण टैंकर ऑपरेटर प्रति दिन 10 लाख डॉलर (USD 1 Million) या उससे अधिक का किराया वसूल रहे हैं।

तीसरा विमानवाहक पोत भेजने की तैयारी, हूती विद्रोहियों का हमला
क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य संसाधन और बढ़ाए जा रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, तीसरा अमेरिकी विमानवाहक पोत 'यूएसएस थियोडोर रूजवेल्ट' (USS Theodore Roosevelt) हजारों सैनिकों के साथ अक्टूबर के अंत तक क्षेत्र में पहुंच सकता है। दूसरी ओर, सऊदी अरब और यमन सरकार ने बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य से ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों को खदेड़ने के लिए सैन्य अभियान शुरू किया है, जिसके जवाब में हूती विद्रोही सऊदी अरब के हवाई अड्डों और प्रमुख ठिकानों पर ड्रोन व मिसाइल हमले कर रहे हैं। इस बीच, रिकॉर्ड लंबे समय तक तैनात रहने के बाद 'यूएसएस अब्राहम लिंकन' (USS Abraham Lincoln) विमानवाहक पोत सैन डिएगो लौट आया है, जहां नौसैनिकों में तनाव और आवश्यक खाद्य सामग्री की कमी की रिपोर्ट भी सामने आई हैं।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!