भारत पर अमेरिकी टैरिफ के दबाव से पुतिन झुके, ट्रंप ने किया बड़ा दावा

Edited By Updated: 15 Aug, 2025 12:03 PM

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हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक न्यूज रेडियो शो में बड़ी बात कही है। उन्होंने बताया कि भारत पर लगाए गए अतिरिक्त टैरिफ का असर रूस पर भी पड़ा है। ट्रंप ने कहा कि भारत को रूस से तेल खरीदने पर रोक लग गई है, जो रूस के लिए बड़ा नुकसान है...

इंटरनेशनल डेस्क: हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक न्यूज रेडियो शो में बड़ी बात कही है। उन्होंने बताया कि भारत पर लगाए गए अतिरिक्त टैरिफ का असर रूस पर भी पड़ा है। ट्रंप ने कहा कि भारत को रूस से तेल खरीदने पर रोक लग गई है, जो रूस के लिए बड़ा नुकसान है क्योंकि रूस तेल का एक प्रमुख उत्पादक देश है। ट्रंप के मुताबिक, जब रूस अपना दूसरा सबसे बड़ा ग्राहक खो देता है, तो उसका असर रूसी अर्थव्यवस्था पर साफ दिखाई देता है। इस बयान से साफ होता है कि अमेरिकी टैरिफ नीतियां सिर्फ भारत या अमेरिका तक सीमित नहीं रह गई हैं, बल्कि इसका असर रूस जैसी बड़ी ताकत पर भी पड़ा है। ट्रंप ने यह भी जोर दिया कि भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य तनाव को कम करने में उनकी अहम भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि अगर वे बीच में नहीं आते तो भारत-पाकिस्तान के बीच न्यूक्लियर युद्ध तक हो सकता था।

रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच अलास्का में होने वाली अहम बैठक

अलास्का में जल्द ही रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक होने वाली है। यह बैठक रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर आयोजित की जा रही है। इस वार्ता पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हैं क्योंकि माना जा रहा है कि इस बातचीत के बाद यूरोप और पूरी दुनिया में राजनीतिक और आर्थिक समीकरण तेजी से बदल सकते हैं।

अमेरिका ने रूस पर लगे प्रतिबंधों में दी अस्थायी छूट

गुरुवार को अमेरिकी प्रशासन ने रूस पर लगाए गए कुछ प्रतिबंधों में अस्थायी छूट देने का फैसला किया। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय ने यह छूट 20 अगस्त तक के लिए दी है। इसका मकसद अलास्का में होने वाली वार्ता के लिए रूस से आने वाले अधिकारियों को अमेरिका में प्रवेश और जरूरी लेन-देन की सुविधा देना है। अमेरिकी वित्त मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि जो रूसी अधिकारी इस वार्ता में भाग लेने आ रहे हैं, उन्हें पहले से ही विशेष अनुमति दी जा चुकी है। इस अस्थायी छूट का मकसद बातचीत को सफल बनाना और वार्ता के आयोजन के लिए जरूरी लेन-देन को सुगम बनाना है।

रूस-यूक्रेन के बीच जारी भीषण संघर्ष

अलास्का बैठक से ठीक पहले रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध की स्थिति में कोई कमी नहीं आई है। रूस ने यूक्रेन की एक मिसाइल फैक्ट्री को हवाई हमले में तबाह कर दिया है। यह फैक्ट्री जर्मनी की मदद से मध्यम दूरी की मिसाइलें बना रही थी। यूक्रेन ने दावा किया है कि रूस ने ड्रोन हमलों के जरिए कई शहरों को निशाना बनाया है, जिसमें आम नागरिक भी घायल हुए हैं। यह संघर्ष दोनों देशों के बीच तनाव को और बढ़ाता जा रहा है, जिससे शांति की संभावना कम होती जा रही है।

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