अमेरिका का नया शिकारः ट्रंप ने रूस के बाद अब इस देश की तेल सप्लाई रोकी, जानें भारत पर पड़ेगा क्या असर?

Edited By Updated: 14 Dec, 2025 11:36 AM

venezuela oil exports fall steeply after us forces seize tanker off coast

अमेरिका ने रूस के बाद अब वेनेजुएला के तेल निर्यात पर भी सख्त प्रतिबंध लगा दिए हैं। एक तेल टैंकर जब्त होने से वेनेजुएला की सप्लाई ठप पड़ गई है। हालांकि भारत पर इसका सीमित असर होगा, क्योंकि उसने पहले ही वेनेजुएला से तेल आयात लगभग बंद कर दिया है।

International Desk: अमेरिका ने रूस के बाद अब वेनेजुएला के खिलाफ भी तेल आपूर्ति को लेकर सख्त कदम उठाते हुए नए प्रतिबंध लगा दिए हैं। इस हफ्ते अमेरिका ने वेनेजुएला के एक तेल टैंकर को जब्त कर लिया और उसके साथ व्यापार करने वाली कई शिपिंग कंपनियों पर भी पाबंदियां लगा दीं। इसके चलते वेनेजुएला के तेल निर्यात में भारी गिरावट दर्ज की गई है। अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी कार्रवाई के बाद वेनेजुएला के समुद्री इलाकों में तेल टैंकरों की आवाजाही लगभग ठप हो गई है। अमेरिका ने साफ संकेत दिए हैं कि राष्ट्रपति निकोलस मदुरो पर सैन्य और आर्थिक दबाव बढ़ाने के लिए आगे भी जहाजों को जब्त किया जा सकता है। बुधवार को जब्त किया गया ‘स्किपर’ टैंकर साल 2019 के बाद पहली बार है, जब अमेरिका ने सीधे तौर पर वेनेजुएला के तेल कार्गो को कब्जे में लिया है। यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब कैरिबियन सागर में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी भी बढ़ाई जा रही है, जिसे मदुरो सरकार को सत्ता से हटाने की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।

 

 पानी में फंसे वेनेजुएला के टैंकर
अल जजीरा के मुताबिक, अमेरिकी धमकियों के कारण करीब 1.1 करोड़ बैरल तेल और ईंधन से लदे टैंकर वेनेजुएला के पानी में फंसे हुए हैं। ये जहाज आगे बढ़ने से डर रहे हैं क्योंकि उन्हें भी जब्त किए जाने का खतरा है। रॉयटर्स के अनुसार, स्किपर टैंकर की जब्ती के बाद केवल अमेरिकी तेल कंपनी शेवरॉन द्वारा चार्टर्ड टैंकर ही वेनेजुएला के बंदरगाहों से निकल पाए हैं। शेवरॉन को अमेरिकी सरकार से विशेष अनुमति मिली हुई है, जिसके तहत वह राज्य संचालित तेल कंपनी PDVSA के साथ संयुक्त परियोजनाओं में काम कर रही है और तेल अमेरिका को निर्यात कर सकती है।


 
 भारत पर कितना पड़ेगा असर?
भारत कच्चे तेल की जरूरतें कई देशों से पूरी करता है, जिनमें रूस और वेनेजुएला दोनों शामिल हैं। वेनेजुएला भी रूस की तरह सस्ता तेल बेचता रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार भारत ने साल 2024 में वेनेजुएला से करीब 22 मिलियन बैरल तेल आयात किया था।हालांकि इस साल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस से तेल खरीदने पर भारत पर 25% अतिरिक्त टैरिफ लगाया था। इसके बावजूद भारत ने रूस से खरीद जारी रखी, लेकिन वेनेजुएला से आयात धीरे-धीरे घटा दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत अब वेनेजुएला से तेल खरीदना लगभग बंद कर चुका है और साल के अंत तक इसे पूरी तरह रोक सकता है।विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी प्रतिबंधों से वैश्विक तेल बाजार में हलचल जरूर मचेगी, लेकिन भारत पर इसका सीधा और बड़ा असर फिलहाल नहीं पड़ेगा।

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