US H1-B Visa : एच-1बी वीजा पर बड़ा संकट! भारत में फंसे हजारों NRI, अपॉइंटमेंट अचानक रद्द, बढ़ीं मुश्किलें

Edited By Updated: 21 Dec, 2025 10:24 AM

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अमेरिका की नई वीजा नीति और दूतावासों द्वारा अचानक अपॉइंटमेंट रद्द किए जाने से हजारों भारतीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर और पेशेवर मुश्किल में फंस गए हैं। दिसंबर के महीने में जो लोग छुट्टियां मनाने या अपने वीजा स्टैंपिंग (नवीनीकरण) के लिए भारत आए थे उन्हें अब...

इंटरनेशनल डेस्क। अमेरिका की नई वीजा नीति और दूतावासों द्वारा अचानक अपॉइंटमेंट रद्द किए जाने से हजारों भारतीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर और पेशेवर मुश्किल में फंस गए हैं। दिसंबर के महीने में जो लोग छुट्टियां मनाने या अपने वीजा स्टैंपिंग (नवीनीकरण) के लिए भारत आए थे उन्हें अब अमेरिकी दूतावास ने कई महीनों बाद की तारीखें दी हैं। इस अनिश्चितता को देखते हुए दुनिया की दिग्गज टेक कंपनी गूगल (Google) ने अपने कर्मचारियों के लिए एडवायजरी जारी कर उन्हें अंतरराष्ट्रीय यात्रा न करने की सलाह दी है।

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क्या है पूरा मामला?

रिपोर्ट के अनुसार 15 से 26 दिसंबर 2025 के बीच जिन लोगों के वीजा अपॉइंटमेंट तय थे उन्हें बिना किसी पूर्व सूचना के रद्द कर दिया गया। अनुमान है कि सैकड़ों से लेकर हजारों भारतीय इस फैसले से प्रभावित हुए हैं। रद्द किए गए अपॉइंटमेंट की नई तारीखें कई महीनों बाद की मिल रही हैं जिससे लोगों की नौकरियां दांव पर लग गई हैं। गूगल हर साल लगभग 1,000 एच-1बी (H-1B) कर्मचारियों की नियुक्ति करता है। कंपनी ने अपने मेमो में कहा है कि अमेरिका से बाहर फंसने का जोखिम बहुत ज्यादा है इसलिए कर्मचारी फिलहाल यात्रा टाल दें।

 

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सोशल मीडिया चेक ने बढ़ाई देरी

बताया जा रहा है कि इन अपॉइंटमेंट के रद्द होने के पीछे अमेरिका की नई सख्त वीजा-जांच नीति है। अब अमेरिकी अधिकारी आवेदकों की सोशल मीडिया गतिविधियों और उनकी ऑनलाइन पोस्ट की गहन समीक्षा कर रहे हैं। अधिकारियों का तर्क है कि यह प्रक्रिया राष्ट्रीय सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए अपनाई जा रही है ताकि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की पहचान की जा सके।

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ट्रंप प्रशासन की सख्त नीतियां

यह संकट अमेरिका की व्यापक एंटी-इमिग्रेशन (आप्रवासन विरोधी) नीति का हिस्सा माना जा रहा है।

  1. 70% भारतीय: एच-1बी वीजा पाने वालों में 70 प्रतिशत से अधिक भारतीय होते हैं इसलिए इस नीति का सबसे बड़ा असर भारत पर पड़ा है।

  2. भारी फीस: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने हाल ही में नए एच-1बी आवेदनों पर 1 लाख डॉलर का भारी शुल्क भी लगाया है।

  3. सबसे बड़ी अव्यवस्था: इमिग्रेशन वकीलों का कहना है कि यह अब तक की सबसे खराब स्थिति है। बिना बताए अपॉइंटमेंट रद्द होने से न केवल कर्मचारी बल्कि अमेरिकी टेक कंपनियां भी भारी दबाव में हैं।

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एच-1बी धारकों के लिए सलाह

जब तक आपके पास वैलिड वीजा स्टैंप न हो भारत या किसी अन्य देश की यात्रा करने से बचें। अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर किसी भी विवादास्पद पोस्ट को लेकर सतर्क रहें क्योंकि अब इनकी गहन जांच हो रही है।

यदि आप भारत में फंस गए हैं तो तुरंत अपनी कंपनी के एचआर (HR) और इमिग्रेशन टीम को सूचित करें ताकि कानूनी मदद ली जा सके।

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