बहुत कुछ छुपा रहा ईरानः खामेनेई के अंतिम संस्कार में हुआ था बवाल, विदेश मंत्री अराघची पर की गई पत्थरबाजी व 'देशद्रोही' के लगे नारे (Video)

Edited By Updated: 19 Jul, 2026 12:12 PM

iran s biggest internal crisis araghchi pelted with stones at khamenei funeral

अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के दौरान विदेश मंत्री अब्बास अराघची को कथित तौर पर "देशद्रोही" कहकर विरोध का सामना करना पड़ा। CNN के अनुसार, अमेरिका से समझौते को लेकर नाराज कट्टरपंथियों ने उनके खिलाफ नारे लगाए और कथित पथराव किया। हालांकि, इन दावों की...

International Desk: ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के निधन के बाद देश में राजनीतिक अनिश्चितता बढ़ती जा रही है।  ईरान  के पूर्व सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के दौरान उस समय अप्रत्याशित घटनाक्रम देखने को मिला, जब विदेश मंत्री अब्बास अराघची को कथित तौर पर प्रदर्शनकारियों के विरोध का सामना करना पड़ा। रिपोर्टों के मुताबिक, कुछ लोगों ने उन्हें "देशद्रोही" और "समझौतावादी" कहकर नारे लगाए। विरोध इतना बढ़ गया कि उन्हें कार्यक्रम बीच में ही छोड़कर जाना पड़ा।

 

🔻حمله مخالفان توافق به عراقچی با شعار:
«مرگ بر وطن‌فروش خائن» «بی‌شرف، بی‌شرف»
🔻شعار «مرگ بر سازشگر» در حضور پزشکیان در مراسم تشییع جنازه خامنه‌ای.
​🔻 Opponents of the agreement attack Araqchi with the slogans: "Death to the traitorous sellout!" and "Dishonorable!… pic.twitter.com/ThBhZLP1tf — Siamak Tadayon Tahmasbi (@SiamakTadayonT) July 6, 2026

CNN की रिपोर्ट के अनुसार, कट्टरपंथी गुटों का मानना है कि अराघची ने अमेरिका के साथ युद्धविराम और प्रतिबंधों में राहत के लिए बातचीत कर ईरान की क्रांतिकारी नीति से समझौता किया। इसी वजह से अंतिम संस्कार में मौजूद कुछ लोगों ने उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि विरोध के दौरान कुछ लोगों ने कथित तौर पर अराघची की ओर पत्थर भी फेंके। अराघची पिछले कुछ समय से अमेरिका के साथ बातचीत और युद्धविराम प्रयासों का प्रमुख चेहरा रहे हैं। कट्टरपंथी नेताओं का आरोप है कि उन्होंने ईरान की पारंपरिक विदेश नीति को कमजोर किया और अमेरिका के सामने नरम रुख अपनाया।

 

युद्धविराम टूटने के बाद कट्टरपंथी गुटों ने सरकार पर दबाव और बढ़ा दिया है तथा अमेरिका और इजरायल के खिलाफ अधिक आक्रामक रुख अपनाने की मांग कर रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अंतिम संस्कार के दौरान हुआ विरोध इस बात का संकेत है कि ईरान के भीतर सत्ता और विदेश नीति को लेकर मतभेद अब सार्वजनिक रूप से सामने आने लगे हैं। हालांकि, इन घटनाओं के बावजूद सरकार की ओर से अराघची के खिलाफ किसी कार्रवाई के संकेत नहीं मिले हैं।
 

 

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