Edited By Radhika,Updated: 19 May, 2026 04:44 PM

पेंटागन ने एक बड़ा खुलासा किया है कि US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप का ईरान पर हमले रोकने का फैसला किसी बातचीत के लिए नहीं, बल्कि ईरान की बढ़ती मिलिट्री ताकत और बेहतर एयर डिफेंस सिस्टम के डर से था। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान अब US के एयर...
इंटरनेशनल डेस्क: पेंटागन ने एक बड़ा खुलासा किया है कि US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप का ईरान पर हमले रोकने का फैसला किसी बातचीत के लिए नहीं, बल्कि ईरान की बढ़ती मिलिट्री ताकत और बेहतर एयर डिफेंस सिस्टम के डर से था। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान अब US के एयर ऑपरेशन्स को ट्रैक करने में इतना एक्सपर्ट हो गया है कि वह किसी भी सरप्राइज अटैक का पहले ही पता लगा सकता है।
सूत्रों के मुताबिक, ईरान ने सीजफायर पीरियड का पूरा फायदा उठाया है। उसने अपने सभी बैलिस्टिक मिसाइल सेंटर्स को फिर से बनाया है जो पहले बमबारी के दौरान तबाह हो गए थे। अब ये सभी सेंटर्स पूरी तरह से काम कर रहे हैं और ईरान ने पूरे देश में बड़ी संख्या में नए मोबाइल लॉन्चर तैनात किए हैं।
ईरानी कमांडर्स ने रूस और चीन की करीबी मदद से US फाइटर जेट्स और बॉम्बर्स के फ्लाइट पैटर्न की बारीकी से स्टडी की है। हाल ही में US के एक स्टेट-ऑफ-द-आर्ट F-15E फाइटर जेट को मार गिराने और F-35 पर ग्राउंड फायर से पता चला है कि US की एयर स्ट्रैटेजी ईरान के लिए 'प्रेडिक्टेबल' हो गई हैं। US मिलिट्री अधिकारियों का कहना है कि ईरान ने किसी भी संभावित हमले का मुकाबला करने के लिए अपनी युद्ध तकनीकों में बड़े बदलाव किए हैं।