Edited By Tanuja,Updated: 11 May, 2026 06:57 PM

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने कहा है कि तेहरान “सम्मान और ताकत” के साथ बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन राष्ट्रीय हितों से समझौता नहीं करेगा। दूसरी ओर अमेरिका पर दबाव की नीति जारी रखने का आरोप लगाया गया। ट्रंप ने ईरान के जवाब को “पूरी तरह...
International Desk: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और अमेरिका-ईरान टकराव के बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान “सम्मान, ताकत और राष्ट्रीय हितों की रक्षा” के साथ बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन दबाव में कोई समझौता नहीं करेगा। ईरानी मीडिया ISNA के मुताबिक, राष्ट्रपति पेजेशकियन ने पुलिस बल ‘फराज’ के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक में कहा कि ईरान के सामने इस समय सम्मानजनक बातचीत,“न युद्ध, न शांति” की स्थिति, या फिर खुला सैन्य संघर्ष तीन रास्ते हैं । उन्होंने कहा कि ईरान की प्राथमिकता कूटनीति है, लेकिन ऐसी कूटनीति जो सैन्य ताकत और राष्ट्रीय सम्मान के आधार पर हो।
पेजेशकियन ने कहा, “हम चाहते हैं कि युद्ध के मैदान में हमारी सेना ने जो बढ़त हासिल की है, उसे कूटनीति की मेज पर भी सफलता में बदला जाए।” ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने भी अमेरिका पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि तेहरान ने जो प्रस्ताव दिया है, वह सिर्फ ईरान ही नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र और दुनिया की स्थिरता के लिए जरूरी है। उन्होंने कहा, “हमारी मांगें वैध हैं-युद्ध खत्म हो, आर्थिक नाकाबंदी हटे, समुद्री लूट जैसी गतिविधियां बंद हों और ईरान की फ्रीज की गई संपत्तियां वापस की जाएं।”
बघाई ने दावा किया कि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षित आवाजाही और क्षेत्रीय सुरक्षा चाहता है, लेकिन अमेरिका अब भी “मैक्सिमम प्रेशर” नीति पर अड़ा हुआ है।उधर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के जवाब पर नाराजगी जताई। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर लिखा कि उन्हें ईरान के प्रतिनिधियों की प्रतिक्रिया “बिल्कुल पसंद नहीं आई” और यह “पूरी तरह अस्वीकार्य” है। यह बयान ऐसे समय आया है जब पाकिस्तान की मध्यस्थता से अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम और होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने को लेकर बातचीत चल रही है।