Edited By Tanuja,Updated: 24 Aug, 2026 05:15 PM

ईरान का रियाल डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचकर करीब 20.2 लाख प्रति डॉलर हो गया। अमेरिका नए और कड़े प्रतिबंधों की तैयारी कर रहा है। युद्ध के बाद चावल 60% और बीफ 150% से ज्यादा महंगा हुआ है। हॉर्मुज संकट और कमजोर मुद्रा ने ईरान की आर्थिक...
Tehran: ईरान की अर्थव्यवस्था पर दबाव लगातार बढ़ता दिख रहा है। सोमवार को ईरानी मुद्रा रियाल डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गई। बाजार में एक अमेरिकी डॉलर की कीमत करीब 20.2 लाख रियाल तक पहुंच गई। इसी बीच अमेरिका ईरान पर और कड़े प्रतिबंध लगाने की तैयारी कर रहा है, जिससे पहले से कमजोर अर्थव्यवस्था पर संकट और गहराने की आशंका है।
1 डॉलर = 20.2 लाख रियाल
सोमवार को बाजार खुलते ही ईरानी रियाल गिरकर करीब 20.2 लाख रियाल प्रति डॉलर पर पहुंच गया। हालांकि ईरान के केंद्रीय बैंक की आधिकारिक विनिमय दर करीब 15 लाख रियाल प्रति डॉलर बताई गई है, लेकिन आम लोगों के लिए बाजार की दर ज्यादा मायने रखती है। रियाल की कमजोरी ऐसे समय में हुई है जब ईरान पहले से ही दोहरे अंकों की महंगाई और कमजोर आर्थिक विकास से जूझ रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, युद्ध शुरू होने के बाद ईरान में रोजमर्रा की चीजों की कीमतों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। चावल की कीमत करीब 60 फीसदी बढ़ चुकी है, जबकि बीफ के दाम 150 फीसदी से ज्यादा बढ़ गए हैं।अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष यानी IMF का अनुमान है कि ईरान की GDP में 5 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आ सकती है। इसका सीधा असर आम लोगों की जिंदगी पर पड़ रहा है।
कमजोर होती मुद्रा के कारण आयातित सामान और रोजमर्रा की जरूरतों की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। ईरान की मुद्रा ऐसे वक्त रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंची है जब अमेरिका और ज्यादा कड़े आर्थिक प्रतिबंधों की घोषणा करने की तैयारी में है। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि नए प्रतिबंधों से ईरानी अर्थव्यवस्था पर दबाव और बढ़ाया जाएगा। इनमें उन देशों और कंपनियों पर सेकेंडरी प्रतिबंध भी शामिल हो सकते हैं, जो ईरान के साथ कारोबार जारी रखते हैं। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने दावा किया कि ट्रंप प्रशासन के दबाव से ईरान की अर्थव्यवस्था बेहद कमजोर स्थिति में पहुंच चुकी है और रियाल अब तक के सबसे कमजोर स्तर पर है।